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संस्कृत के संस्कारों संग प्रकृति संरक्षण का संकल्प, रोपे नीम और गुलमोहर

संस्कृत सप्ताह के दूसरे दिन पौधारोपण—पौधों पर संस्कृत के साथ हिंदी में भी लिखे नाम

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संस्कृत के संस्कारों संग प्रकृति संरक्षण का संकल्प, रोपे नीम और गुलमोहर

उदयपुर। संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और जीवन के प्रति संवेदनशील दृष्टि देने वाली संस्कारों की भाषा है। भारतीय सनातन परंपरा में प्रकृति को पूज्य मानते हुए वृक्षों और वनस्पतियों के संरक्षण का संदेश दिया गया है। इसी भाव को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से संस्कृत भारती द्वारा संस्कृत दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित संस्कृत सप्ताह के दूसरे दिन पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

दिल्ली पब्लिक स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में *आरएनटी कॉलेज के प्राचार्य श्री राहुल जैन, उदयपुर ग्रामीण विधायक श्री फूल सिंह मीणा, दिल्ली पब्लिक स्कूल के अध्यक्ष श्री गोविंद अग्रवाल तथा प्राचार्य श्री संजय नरवारिया सहित गणमान्य अतिथियों ने पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया।*
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि रोपे गए नीम एवं गुलमोहर के पौधों पर उनके संस्कृत नाम के साथ हिंदी और अंग्रेजी नाम भी अंकित किए गए, जिससे विद्यार्थियों को भारतीय वनस्पति परंपरा, संस्कृत शब्दावली और पर्यावरण संरक्षण के बीच संबंध को सहज रूप से समझने का अवसर मिला। नीम को संस्कृत में ‘निम्बः’ तथा गुलमोहर को ‘कृष्णचूडः’ कहा जाता है।

इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण का हिस्सा नहीं, बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। भारतीय संस्कृति में वृक्षों के प्रति श्रद्धा के पीछे गहरी वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय दृष्टि रही है। पौधारोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों का संरक्षण और उनका संवर्धन करना भी प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।

दिल्ली पब्लिक स्कूल के उपप्राचार्य श्री राजेश धाबाई व कार्यक्रम संयोजक निरंजन टेलर ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। 

सहसंयोजक मंगल कुमार जैन ने बताया कि संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत विद्यार्थियों एवं समाज में संस्कृत के साथ भारतीय संस्कृति और प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

इस अवसर पर संस्कृत भारती से डॉ. यज्ञ आमेटा, दुष्यंत नागदा, मंगल कुमार जैन, श्रीयांश कंसारा, डॉ. रेणु पालीवाल, सत्यप्रिय, चैन शंकर दशोरा सहित संस्कृत भारती के कार्यकर्ता एवं समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी ने पौधों के संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन का संकल्प लिया।