संवत्सरी महापर्व पर देवेन्द्र धाम में गूंजा क्षमाधर्म का संदेश
उदयपुर, श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवशरण में संवत्सरी महापर्व एवं क्षमापर्व श्रद्धा, गरिमा और भावपूर्ण…
“बचपन” के परिणाम
उदयपुर, श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवशरण में संवत्सरी महापर्व एवं क्षमापर्व श्रद्धा, गरिमा और भावपूर्ण…
मुंबई, गणेश चतुर्थी ऐसा त्यौहार है, जो परिवारों, दोस्तों और समुदायों को एक साथ लाता है, साथ ही हर कोने को भक्ति, खुशी और उत्सव से भर देता है। जहाँ मुंबई अपने भ…
उदयपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर सेंट पॉल स्कूल में भावनात्मक और आत्मीय माहौल देखने को मिला, जब विद्यालय के पूर्व छात्र वर्षों बाद अपने शिक्षकों से मिलने के लिए …
प्रतापगढ़ | बाल विवाह के खिलाफ जमीनी अभियान चला रहे गायत्री सेवा संस्थान, उदयपुर ने संयुक्त राष्ट्र के 27 नवंबर को ‘बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह की समाप्ति…
भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां पर्व केवल कैलेंडर की तारीख नहीं होते, बल्कि वे जीवन के किसी गहरे सत्य को हमारे सामने लेकर आते हैं। श्रीकृष्ण…
नई दिल्ली | Philanthropy Asia Alliance (PAA), Temasek Trust की एक पहल है, जिसका उद्देश्य पूरे एशिया में मिलकर किए जाने वाले परोपकारी प्रयासों को बढ़ावा देना है…
तुलसीराम देवरुखकर द्वारा तुलसीराम प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले निर्मित हिंदी सोशल साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म ‘ओये चिल मार’ का पहला पोस्टर मुंबई के सिद्धिविनायक मंद…
भारत को यदि रिश्तों की भूमि कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। यहाँ त्योहार केवल तिथियाँ नहीं होते, वे जीवन-मूल्यों के उत्सव होते हैं। दीपावली प्रकाश का संदेश दे…
नवोदित लेखकों के लिए मार्गदर्शक हैं प्रीति की प्रीत मय कविताएं ....थोड़ी ज़मीं - थोड़ा आसमानरहने दो, मेरी पंखों में थोड़ी परवाज रहने दो । इस दुनिया में है हस्त…
रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति का ऐसा पर्व है, जिसमें एक छोटा-सा धागा रिश्तों की विशाल दुनिया को अपने भीतर समेट लेता है। यह केवल भाई की कलाई पर राखी बाँधने और बदले …
मनुष्य का संपूर्ण जीवन विश्वास की नींव पर खड़ा है। विश्वास वह अदृश्य शक्ति है जो परिवार को जोड़ती है, समाज में सहयोग उत्पन्न करती है और राष्ट्र के विकास का आधा…
“जिस समाज में ज्ञान पर किसी का एकाधिकार नहीं होता, वहाँ मनुष्य की पहचान उसकी जाति से नहीं, उसके ज्ञान, कर्म और चरित्र से होती है।”शिक्षा केवल अक्षर ज्ञान नहीं …