विद्या भवन ऑडिटोरियम में एजुकेशन टू एडमिनिस्ट्रेशन विषय पर संवाद
उदयपुर । साक्षर नहीं, शिक्षित नागरिकों से विकसित भारत का संकल्प पूरा होगा। शिक्षा के माध्यम से मिले नैतिक, सामाजिक मूल्यों से ही शासन, प्रशासन में श्रेष्ठता सु…
“निष्ठा” के परिणाम
उदयपुर । साक्षर नहीं, शिक्षित नागरिकों से विकसित भारत का संकल्प पूरा होगा। शिक्षा के माध्यम से मिले नैतिक, सामाजिक मूल्यों से ही शासन, प्रशासन में श्रेष्ठता सु…
इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनका महत्व उनके जीवनकाल की घटनाओं तक सीमित नहीं रहता।बल्कि एक कालजयी इतिहास बन जाता है। ऐसे इतिहास पुरुष अपने समय की च…
देवनानी बोले— शासन और प्रशासन का लक्ष्य लोक कल्याण, संवेदनशीलता व समन्वय से आती है प्रशासनिक दक्षताउदयपुर, विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए केवल साक्…
देवनानी बोले— शासन और प्रशासन का लक्ष्य लोक कल्याण, संवेदनशीलता व समन्वय से आती है प्रशासनिक दक्षताउदयपुर, विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए केवल साक्…
उदयपुर। भारत सरकार के सतर्कता जागरूकता अभियान-2026 के अंतर्गत आयकर विभाग, उदयपुर की ओर से गिर्वा, जोगी तालाब स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में ‘सत्यनिष्ठ…
जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने गुरुवार को विधान सभा में राजस्थान विधान सभा सचिवालय कर्मचारी बचत एवं साख सहकारी समिति लिमिटेड के मोबाइ…
भारतीय संस्कृति में पर्व केवल तिथियों के उत्सव नहीं होते, बल्कि वे जीवन की संवेदनाओं, रिश्तों की गहराइयों और सामाजिक मूल्यों के जीवंत प्रतीक होते हैं। करवा चौथ…
उदयपुर । भारत सरकार के सतर्कता जागरूकता अभियान-2026 के तहत आयकर विभाग उदयपुर की ओर से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पानेरियों की मादड़ी में ‘सत्यनिष्ठा से समृद…
*राष्ट्रपति को विधान सभा का लोगो भेंट किया*जयपुर, 25 अक्टूबर। राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु से राजस्थान विधान सभा के …
महाभारत भारतीय साहित्य, दर्शन और सांस्कृतिक स्मृति की अत्यंत महत्त्वपूर्ण कृति है। यह केवल कौरवों और पांडवों के युद्ध का आख्यान नहीं, बल्कि धर्म, सत्ता, न्याय,…
भारतीय संस्कृति में पर्व और त्योहार केवल धार्मिक अनुष्ठानों अथवा परंपराओं के निर्वहन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे प्रकृति, समाज और मानवीय संवेदनाओं के बीच आत्मी…
जब गलत को सही मान लिया जाएअधर्म केवल पूजा-पाठ से विमुख होना या धार्मिक परंपराओं का पालन न करना नहीं है। अधर्म वह मानसिकता है, जिसमें मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए…