जियोलॉजी कॉलेज में जलदूत
मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के जियोलॉजी कॉलेज के इन छात्र-छात्राएं ने जल दूत की शपथ ली। शपथ वाटर हीरो डॉक्टर पी सी जैन ने दिलाई। यह जल दूत कॉलेज के वरिष्ठ वि…
“क्या” के परिणाम
मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के जियोलॉजी कॉलेज के इन छात्र-छात्राएं ने जल दूत की शपथ ली। शपथ वाटर हीरो डॉक्टर पी सी जैन ने दिलाई। यह जल दूत कॉलेज के वरिष्ठ वि…
आज का युवा कमाने की उम्र में कर्जदार और भविष्य बनाने की उम्र में किस्तों का बोझ ढोने को विवश होता जा रहा है। महंगा मोबाइल, ब्रांडेड कपड़े, कैफे संस्कृति, घूमने…
राजस्थान की लोकपरंपराओं से बॉलीवुड की चमक-दमक तक, पति की दीर्घायु की कामना वाले व्रत ने बदला अपना सामाजिक स्वरूपगोपेन्द्र नाथ भट्ट राजस्थान की संस्कृति में व्र…
जयपुर। राजस्थान विधान सभा का भवन, सदन और राजनैतिक आख्यान संग्रहालय देखने के बाद छात्राओं ने स्पीकर श्री वासुदेव देवनानी से मुलाकात की। स्पीकर के साथ छात्राओं न…
जैसलमेर । राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला एवं सेशन न्यायाधीश ओमी पुरोहित के निर्देशन में सुर…
जयपुर । हाथ से लिखी चिठ्ठियां रिश्तों में जमीं बर्फ को पिघलाने का काम करती हैं। रिश्तों में बर्फ जम चुकी है। आज यदि रिश्तों में जमीं बर्फ को पिघला ना है तो एक …
भारतीय संस्कृति में पर्व केवल तिथियों के उत्सव नहीं होते, बल्कि वे जीवन की संवेदनाओं, रिश्तों की गहराइयों और सामाजिक मूल्यों के जीवंत प्रतीक होते हैं। करवा चौथ…
उदयपुर। सी थ्री संस्था द्वारा शक्ति मंच टूवर्ड ए फियरलेस फ्यूचर परियोजना के अंतर्गत उदयपुर में जीआरसी (जेंडर रिसोर्स सेंटर) कैडर हेतु अभिमुखीकरण कार्यशाला का आ…
बदलते समय के साथ स्वतंत्रता की परिभाषा भी बदल रही है। आज की युवा पीढ़ी निजता, व्यक्तिगत पसंद और अपने निर्णयों को लेकर अधिक मुखर है। इसी दौर में ‘माय बॉडी, माय …
महाभारत भारतीय साहित्य, दर्शन और सांस्कृतिक स्मृति की अत्यंत महत्त्वपूर्ण कृति है। यह केवल कौरवों और पांडवों के युद्ध का आख्यान नहीं, बल्कि धर्म, सत्ता, न्याय,…
उदयपुर। बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल (बीसीआई) के टूरिज्म चैप्टर की ओर से आज सोमवार, 26 अक्टूबर को शाम 4 बजे से मोमेंटम हॉस्पिटैलिटी कंसल्टेंट्स में वर्कप्लेस विजिट क…
भारतीय संस्कृति में पर्व और त्योहार केवल धार्मिक अनुष्ठानों अथवा परंपराओं के निर्वहन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे प्रकृति, समाज और मानवीय संवेदनाओं के बीच आत्मी…