मानसून विदाई के बीच फिर से राजस्थान लौटा पानी, खरीफ की फसलों पर क्या होगा असर?
राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई शुरू हो चुकी है, लेकिन मानसून जाते-जाते एक बार फिर प्रदेश के कई हिस्सों में सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। भारतीय मौसम…
“अवश्य” के परिणाम
राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई शुरू हो चुकी है, लेकिन मानसून जाते-जाते एक बार फिर प्रदेश के कई हिस्सों में सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। भारतीय मौसम…
उदयपुर | नेमिशारण्य में शान्ति के बुनियादी सिद्धांत खोजें गये और पाया कि प्रकृति में शान्ति है और प्रकृति विरोधी आचरण अशांति का कारण है। हमने प्रकृति अस्तित्व …
उदयपुर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में देवेंद्र धाम स्थित महावीर समवशरण में धर्मसभा आयोजित हुई। पूज्य डॉ. सुरेन्द्र मुनि जी म.सा. ने भ…
भारतीय समाज में कुछ परंपराएँ ऐसी हैं, जिन्हें हम बचपन से देखते और सहज रूप से अपनाते आए हैं। घर, दुकान, वाहन या नए प्रतिष्ठान के द्वार पर नींबू-मिर्च लटकाना भी …
पेसिफिक विश्वविद्यालय के पेसिफिक पॉलिटेक्निक कॉलेज एवं पेसिफिक इंस्टिट्यूट ऑफ फायर एंड सेफ्टी मैनेजमेंट महाविद्यालय में अभियंता दिवस के उपलक्ष्य में “बेस्ट आउट…
भाषा केवल शब्दों का समूह नहीं होती। वह किसी समाज की स्मृतियों, संस्कारों, संवेदनाओं, विचारों और जीवन-दृष्टि को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे ले जाने वाली जीवंत धारा होती …
जैसलमेर । नगर पालिका पोकरण के 25 वार्डों में शुक्रवार को हुए मतदान में लोकतंत्र के प्रति नागरिकों की प्रतिबद्धता की प्रेरक तस्वीर देखने को मिली। मतदान केन्द्रो…
जैसलमेर । नगर पालिका पोकरण आम चुनाव-2026 के तहत शुक्रवार को मतदान के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने स्वतंत्रता सेनानी गोविन्द सिं…
उदयपुर। नारायण सेवा संस्थान में चल रही ‘अपनों से अपनी बात’ कथा के दौरान संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने अमावस्या, पितृ स्मरण और सेवा के महत्व को प्रेरक प्रस…
उदयपुर। महावीर समवसरण में 7 सितम्बर को आयोजित प्रवचन सभा में डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने मनुष्य के जीवन की सार्थकता और उसके कर्मों का विवेचन करते हुए कहा कि विवेकपूर…
शिक्षक दिवस पर सवाल : जब शिक्षक ही व्यवस्था के दबाव में होगा, तो भविष्य की पीढ़ी को दिशा कौन देगा?5 सितंबर आते ही देशभर में शिक्षक दिवस की तैयारियाँ शुरू हो जा…
ऋषि दयानन्द के आगमन से पूर्व विश्व में लोगों को वेदों तथा ईश्वर सहित आत्मा एवं प्रकृति के सत्यस्वरूप का स्पष्ट ज्ञान विदित नहीं था। वेदों, उपनिषद एवं दर्शन आदि…