भजन व भोजन दोनों का संतुलन जरूरीःडॉ. सुरेन्द्र मुनि
उदयपुर। देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवशरण में भक्तामर अनुष्ठान के दौरान धर्मसभा को संबोधित करते हुए डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि यह मानव शरीर केवल भोजन के लिए …
“संतुलन” के परिणाम
उदयपुर। देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवशरण में भक्तामर अनुष्ठान के दौरान धर्मसभा को संबोधित करते हुए डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि यह मानव शरीर केवल भोजन के लिए …
इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनका महत्व उनके जीवनकाल की घटनाओं तक सीमित नहीं रहता।बल्कि एक कालजयी इतिहास बन जाता है। ऐसे इतिहास पुरुष अपने समय की च…
आज का युवा कमाने की उम्र में कर्जदार और भविष्य बनाने की उम्र में किस्तों का बोझ ढोने को विवश होता जा रहा है। महंगा मोबाइल, ब्रांडेड कपड़े, कैफे संस्कृति, घूमने…
भारत का राजनीतिक इतिहास अनेक ऐसे व्यक्तित्वों से समृद्ध है, जिन्होंने अपने विचारों, निर्णयों और कार्यशैली से देश की दिशा और दशा को प्रभावित किया। इनमें श्रीमती…
भारत के लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 12वां ब्रिक्स संसदीय मंच, मंगलवार को एक संयुक्त घोषणा-पत्र को अंगीकृत करने के …
भारतीय संस्कृति में पर्व केवल उत्सव मनाने के अवसर नहीं हैं, बल्कि वे जीवन-मूल्यों, पारिवारिक संबंधों और सामाजिक चेतना को सुदृढ़ करने के माध्यम भी हैं। करवा चौथ…
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में मंगलवार को आयोजित नियमित प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने श्रावक-श्राविकाओं को नवपद ओली के नौवें पद ‘तप…
बदलते समय के साथ स्वतंत्रता की परिभाषा भी बदल रही है। आज की युवा पीढ़ी निजता, व्यक्तिगत पसंद और अपने निर्णयों को लेकर अधिक मुखर है। इसी दौर में ‘माय बॉडी, माय …
महाभारत भारतीय साहित्य, दर्शन और सांस्कृतिक स्मृति की अत्यंत महत्त्वपूर्ण कृति है। यह केवल कौरवों और पांडवों के युद्ध का आख्यान नहीं, बल्कि धर्म, सत्ता, न्याय,…
भारतीय संस्कृति में पर्व और त्योहार केवल धार्मिक अनुष्ठानों अथवा परंपराओं के निर्वहन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे प्रकृति, समाज और मानवीय संवेदनाओं के बीच आत्मी…
श्रीगंगानगर। महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्थान के निर्देशानुसार श्रीगंगानगर में 21 से 23 अक्टूबर 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय आंगनवाड़ी ओलंपिक का शुक्रवार को समा…
आज रोजगार केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा, आत्मनिर्भरता और भविष्य की सुरक्षा का आधार भी है। ऐसे समय में ‘ठेका नौकरी’ रोजगार के एक …