नई दिल्ली: भारत के अग्रणी एडुटेनमेंट प्लेटफॉर्म और जिंदगीभर सीखने में मदद करने के लिए डिजाइन किए गए देश के पहले शॉर्ट-वीडियो सब्सक्रिप्शन एप सीखो ने अपने परिचालन के छह साल पूरे कर लिए हैं। एप का डाउनलोड का आंकड़ा 10 करोड़ के पार पहुंच गया है और इसके पेड सब्सक्राइबर्स की संख्या 40 लाख हो गई है। कंपनी ने पिछले साल जबर्दस्त तेजी के साथ इस पड़ाव को पार किया है। 2025 में सीखो के साथ 21.75 मिलियन यूजर्स जुड़े थे। प्लेटफॉर्म पर यूजर्स का एंगेजमेंट लगातार बढ़ रहा है। प्लेटफॉर्म पर लगातार बने हुए यूजर्स रोजाना औसतन 28 से 29 मिनट बिता रहे हैं। यह पिछले साल के औसत 23 मिनट से ज्यादा है। इससे स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि ऐसे लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो सिर्फ एक बार कोई कंटेंट देखने के बजाय नियमित रूप से व्यावहारिक एवं असली स्किल्स सीखने इस प्लेटफॉर्म पर आते हैं।
सीखो के सह-संस्थापक एवं चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर रोहित चौधरी ने कहा, ‘जब हमने सीखो की शुरुआत की थी, तब हमारा विचार बिल्कुल स्पष्ट था कि सीखने के तरीके को मनोरंजक और साथ ही सार्थक भी होना चाहिए। आज छह साल बाद हमें जो बात सबसे ज्यादा उत्साहित करती है, वह सिर्फ इस प्लेटफॉर्म का बढ़ता आकार नहीं है, बल्कि लोगों के सीखने के तरीके ने हमें सबसे ज्यादा उत्साहित किया है। लाखों भारतीय रोज अपना कम्युनिकेशन सुधारने, आय का अतिरिक्त विकल्प तैयार करने, फाइनेंस को समझने या तुरंत इस्तेमाल में आ सकने वाले कौशल सीखने के लिए सीखो एप का रोज इस्तेमाल कर रहे हैं। यही सीखने के तरीके का वह भविष्य है, जिस पर हमें पहले दिन से ही विश्वास था और यह तो अभी सिर्फ शुरुआत है।’
प्लेटफॉर्म के लर्निंग ट्रेंड से यह समझने का भी मौका मिलता है कि भारत में कैसे लोगों के सीखने का तरीका बदल रहा है। पिछले साल इंग्लिश स्पीकिंग और पार्ट-टाइम इनकम कैटेगरी सीखो पर सबसे बड़ी कैटेगरी के रूप में सामने आईं। इन दोनों कैटेगरी में 81 से 93 लाख तक नए व्यूअर जुड़े और 20 लाख घंटे से ज्यादा समय तक वीडियो देखा। इनके बाद सरकारी काम, बिजनेस, फाइनेंस और इंस्टाग्राम ग्रोथ जैसी कैटेगरी ने जगह बनाई।
यह डाटा सीखो यूजर्स के बीच सीखने की अलग-अलग आदतों के बारे में भी बताता है। एप पर करीब 90 प्रतिशत लर्निंग सेशन एंड्रॉयड मोबाइल डिवाइस से होते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म के मोबाइल-फर्स्ट कंजम्प्शन पैटर्न को दिखाता है। रात 9 से 11 बजे के बीच सबसे ज्यादा सीखने वाले लोग इस प्लेटफॉर्म पर होते हैं। यूजर्स इस प्लेटफॉर्म को काम के बाद के घंटों में देखते हैं। शॉर्ट, प्रैक्टिकल लेसन से भी यूजर्स को अपनी दिनचर्या के बीच सीखने का समय निकालने में मदद मिलती है।
प्लेटफॉर्म पर एप्लाइड एआई लर्निंग में भी बढ़ती रुचि दिख रही है। एआई को टेक्निकल विषय के रूप में सीखने के बजाय लर्नर्स प्रोडक्टिविटी एवं इनकम जनरेशन टूल के रूप में इसके प्रयोग को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके लोकप्रिय विषयों में एआई की मदद से यूट्यूब वीडियो बनाने, एआई वॉइसओवर करने, सोशल मीडिया चैनल बनाने और डिजिटल बिजनेस बढ़ाने के लिए एआई टूल्स का इस्तेमाल करने जैसे विषय शामिल हैं।
2020 में लॉन्चिंग के बाद से सीखो ने शॉर्ट-वीडियो लर्निंग प्लेटफॉर्म से एक एडुटेनमेंट कंपनी बनने तक का सफर तय किया है। आज के समय में प्लेटफॉर्म पर हिंग्लिश एवं क्षेत्रीय भाषाओं में 15 से ज्यादा कैटेगरी में 20,000 से ज्यादा विशेषज्ञों के वीडियो उपलब्ध हैं। इनके माध्यम से करियर डेवलपमेंट, फाइनेंस, कम्युनिकेशन, उद्यमिता एवं पर्सनल ग्रोथ जैसी कैटेगरी में लर्नर्स को मदद मिल रही है। बीते वर्षों में सीखो ने 40 मिलियन डॉलर से ज्यादा की फंडिंग जुटाई है और सीखो जूनियर एवं इंग्लिश सीखो एप के साथ अपनी ऑफरिंग्स का विस्तार किया है। कंपनी को गूगल प्ले की तरफ से बेस्ट ऑफ प्ले 2025 और हुरुन इंडिया के मोस्ट प्रॉमिसिंग फ्यूचर यूनिकॉर्न्स 2025 के रूप में सम्मानित किया गया है।
सीखो ने सातवें वर्ष में कदम रख दिया है और ऐसे में कंपनी की योजना अपनी कंटेंट कैटेगरी को विस्तार देने और एआई आधारित पर्सनलाइज्ड लर्निंग को मजबूत करने की है। इस विस्तार के साथ कंपनी यूजर्स को ऐसी स्किल सीखने में मदद देने पर अपना फोकस बनाए रखेगी, जिनका इस्तेमाल दैनिक जीवन में आसानी से किया जा सकता है।