नई दिल्ली | Philanthropy Asia Alliance (PAA), Temasek Trust की एक पहल है, जिसका उद्देश्य पूरे एशिया में मिलकर किए जाने वाले परोपकारी प्रयासों को बढ़ावा देना है। PAA ने आज घोषणा की है कि यह Dasra Alliance के नेटवर्क पार्टनर के रूप में शामिल होगा। PAA और इसके फंडिंग सदस्यों ने अलग से भारत के दो सामाजिक प्रभाव वाले उपक्रमों, Rocket Learning और Frontier Innovations, को समर्थन देने की पुष्टि की है, ताकि बचपन की शुरुआती शिक्षा और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए भारत में तैयार किए गए समाधानों को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया जा सके।
इन दोनों घोषणाओं से भारत में PAA की भागीदारी और मजबूत होगी। एशिया पर केंद्रित अपने काम में भारत PAA के लिए एक प्रमुख बाजार है। इससे उसके नेटवर्क में नई विशेषज्ञता और साझेदारियां जुड़ेंगी, साथ ही परोपकारी फंड ऐसे कार्यक्रमों तक पहुंचेंगे, जिनमें बड़े स्तर पर आगे बढ़ने की क्षमता पहले ही दिखाई दे चुकी है।
नया नेटवर्क पार्टनर Dasra अपने साथ जमीनी स्तर पर एक बड़ा नेटवर्क लेकर आया है, जिसे उसने कई वर्षों तक भारतीय परोपकारी परिवारों, फाउंडेशनों, गैर-लाभकारी संस्थाओं और वेल्थ एडवाइजर्स के साथ काम करके तैयार किया है। इसके साथ ही Dasra देश के भीतर और विदेश में बसे भारतीयों से मिलने वाले परोपकारी सहयोग पर भी लगातार ज्यादा ध्यान दे रहा है। PAA के साथ यह साझेदारी Dasra के इस नेटवर्क—जिसमें उसका GivingPi फैमिली फिलैंथ्रॉपी प्लेटफॉर्म भी शामिल है—और दक्षिण-पूर्व एशिया में PAA की पहुंच के बीच एक पुल बनाएगी। Dasra Philanthropy Week और India Philanthropy Forum जैसे मंचों के जरिए मिलकर कार्यक्रम आयोजित करने की भी योजना है।
Dasra की Co-founder और Partner Neera Nundy ने कहा, “भारत केवल परोपकारी फंड पाने की जगह नहीं है। यहां के समुदायों और सामाजिक क्षेत्र के नेताओं ने ऐसा ज्ञान और ऐसे तरीके विकसित किए हैं, जो देश के बाहर भी समाधान तैयार करने में मदद कर सकते हैं। PAA के साथ हमारी साझेदारी के जरिए इन लोगों की आवाज एशिया और Global South की चुनौतियों से निपटने के लिए परोपकार के तरीके तय करने में और मजबूत भूमिका निभा सकती है।”
Dasra अब PAA के 110 से अधिक फंडिंग सदस्यों, नेटवर्क और प्रोग्राम पार्टनर्स के नेटवर्क में शामिल हो गया है, जो अमेरिका, एशिया पैसिफिक, यूरोप और पश्चिम एशिया में फैला हुआ है। भारत से पहले से जुड़े सदस्यों में Aditya Birla Education Trust, Shiv Nadar Foundation और Bharti Airtel Foundation शामिल हैं।
भारत के दो सफल उपक्रमों को फंडिंग
भारत दुनिया के सबसे बड़े सोशल एंटरप्राइज इकोसिस्टम में से एक है। यहां करीब 20 लाख सोशल एंटरप्राइज शिक्षा, आजीविका, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान तैयार कर रहे हैं।
PAA की फंडिंग से यह मॉडल उत्तर प्रदेश और ओडिशा में और बढ़ेगा। शुरुआती शिक्षा के मामले में ये भारत के सबसे कम संसाधनों वाले राज्यों में शामिल हैं। साथ ही यह मॉडल पहली बार दक्षिण-पूर्व एशिया में भी पहुंचेगा। परोपकारी फंडिंग मौजूदा सहयोग में मौजूद कमियों को पूरा करने में मदद करेगी। इस मॉडल को इस तरह तैयार किया गया है कि यह सरकारी बाल देखभाल व्यवस्था के साथ मिलकर काम करे, न कि किसी एक ग्रांट पर निर्भर रहे।
Frontier Innovations का She Leads Bharat: Udyam एक ऐसा मॉडल है, जो कमाई के साथ सामाजिक उद्देश्य पर भी काम करता है। यह ग्रामीण महिला दुकानदारों और उद्यमियों को भारत के प्रमुख ग्रामीण कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ता है और इसके लिए AI से चलने वाले Meri Saheli ऐप का इस्तेमाल करता है। महिलाओं के मालिकाना हक वाले छोटे और सूक्ष्म व्यवसाय इस ऐप के जरिए अपनी दुकान के साथ-साथ ऑनलाइन भी सामान बेच सकते हैं, ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच सकते हैं और अपनी कमाई का मार्जिन बढ़ा सकते हैं। यह ऐप उन्हें कर्ज की सुविधा तक पहुंच भी देता है और ऐसे समुदायों तक खेती का सामान और बुनियादी दवाएं पहुंचाने में मदद करता है, जहां से नजदीकी दुकान या बैंक तक पहुंचना भी अक्सर मुश्किल होता है।
Frontier Innovations का मॉडल अब तक चार राज्यों में 50,000 से ज्यादा महिलाओं तक पहुंच चुका है और 43 लाख ग्रामीण लोगों तक 10 करोड़ समाधान पहुंचा चुका है। इससे कुल मिलाकर 1 करोड़ अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त आय हुई है और कार्यक्रम में शामिल होने के पहले ही साल में प्रतिभागियों की व्यक्तिगत कमाई 100% तक बढ़ी है।
PAA की फंडिंग से यह मॉडल राजस्थान, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और गुजरात के Tier-5 और Tier-6 गांवों यानी भारत के सबसे छोटे और दूरदराज के गांवों तक पहुंचेगा। इस नए चरण का लक्ष्य एक साल के भीतर 10,000 ग्रामीण महिलाओं की आय में 300% की बढ़ोतरी करना है। Frontier Innovation का लक्ष्य 2028 तक 3 लाख परिवारों तक पहुंचना है। साथ ही इस दौर की मदद खत्म होने के बाद भी सरकारी और निजी क्षेत्र की साझेदारियों के जरिए इस मॉडल को जारी रखने का लक्ष्य है।
नई साझेदारी और फंडिंग पाने वाले ये दोनों उपक्रम देश में जलवायु, स्वास्थ्य और सबको साथ लेकर विकास करने के क्षेत्रों में PAA के पहले से चल रहे कार्यक्रमों को और आगे बढ़ाते हैं। भारत में सफल साबित हो चुके इन दोनों मॉडलों को अब स्थानीय विशेषज्ञता, परोपकारी फंडिंग और अलग-अलग क्षेत्रों की साझेदारी का सहयोग मिलेगा। इन समाधानों को दक्षिण-पूर्व एशिया और आगे चलकर पूरे Global South सहित नए क्षेत्रों तक पहुंचाना अगली चुनौती है, जिसमें Alliance मदद कर सकता है।