मुंबई: डीपी वर्ल्ड के शिपिंग सॉल्युशंस एएमईए बिजनेस (“Shipping Solutions”) ने विजनस्प्रिंग फाउंडेशन के साथ अपनी साझेदारी को विस्तार दिया है।
इसके माध्यम से पूरे भारत में करीब 12,000 वाणिज्यिक चालकों (कॉमर्शियल ड्राइवर्स) और ट्रांसपोर्ट वर्कर्स को निशुल्क आई स्क्रीनिंग की सुविधा दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर चश्मा भी दिया जाएगा।
इससे ड्राइवरों का संपूर्ण कल्याण सुनिश्चित होगा और देश के प्रमुख व्यापारिक गलियारों में वस्तुओं की सुरक्षित आवाजाही को सपोर्ट मिलेगा।
गुजरात में 2025 में संचालित की गई इस पहल की सफलता को देखते हुए अब इसे विस्तार दिया जा रहा है। गुजरात में इस पहल के दौरान 9,000 वाणिज्यिक चालकों और ट्रांसपोर्ट वर्कर्स की स्क्रीनिंग की गई थी और प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर 5,200 चश्मे दिए गए थे।
पहल के दौरान पाया गया कि इसमें शामिल होने वाले 61 प्रतिशत लोगों की नजर कमजोर थी और उन्हें विजन करेक्शन की जरूरत थी। चश्मा पाने वाले 94 प्रतिशत लोग ऐसे थे, जो पहली बार नजर का चश्मा लगाने जा रहे थे।
यह आंकड़ा भारत के ट्रांसपोर्ट सेक्टर में आईकेयर (आंखों की देखभाल) को लोगों की पहुंच में लाने के महत्व को दिखाता है।
विस्तारित प्रोग्राम को मुंबई के जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह पर लॉन्च किया गया। इसमें कोच्चि, दिल्ली और कोलकाता में स्क्रीनिंग की योजना है।
वाणिज्यिक चालक देशभर में बंदरगाहों, कारखानों, कारोबारियों और उपभोक्ताओं को एक-दूसरे से जोड़ते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं।
फिर भी लगातार लंबे समय तक काम करने और व्यस्तता के कारण अक्सर उनके लिए आंखों की नियमित जांच करवाना मुश्किल हो जाता है। इससे आंखों से संबंधित उनकी समस्याओं की या तो जांच नहीं हो पाती है या फिर जरूरी इलाज नहीं मिल पाता है।
बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स हब और ट्रांसपोर्ट सेंटर पर सीधे स्क्रीनिंग की सुविधा देते हुए डीपी वर्ल्ड के शिपिंग सॉल्युशंस और विजनस्प्रिंग फाउंडेशन का लक्ष्य इन बाधाओं को दूर करना और ड्राइवरों को उनके काम में रुकावट डाले बिना आंखों के लिए जरूरी देखभाल पाने में मदद करना है।
इस पहल के तहत ट्रेनिंग पाए हेल्थकेयर प्रोफेशनल चालकों की आंखों की पूरी जांच करेंगे। जिन लोगों को नजर ठीक करने के लिए चश्मे की जरूरत होगी, उन्हें मुफ्त में चश्मे दिए जाएंगे।
वहीं, जिन चालकों में मोतियाबिंद या ग्लूकोमा जैसी बीमारियों के लक्षण दिखेंगे, उन्हें आगे की जांच और इलाज के लिए स्थानीय चैरिटेबल या सरकारी स्वास्थ्यसेवा केंद्रों में भेजा जाएगा।
इस प्रोग्राम में आंखों की सेहत बनाए रखने और नजर कमजोर होने के शुरुआती लक्षणों को पहचानने के बारे में जानकारी भी दी जाएगी।
शिपिंग सॉल्यूशंस एएमईए, डीपी वर्ल्ड के रीजनल डायरेक्टर श्री सीएम मुरलीधरन ने कहा, "कोई भी शिपमेंट उसे ले जा रही गाड़ी को चलाने वालों पर निर्भर करता है।
वाणिज्यिक चालक हमारे बंदरगाहों को देशभर की कंपनियों एवं लोगों से जोड़ते हैं और अक्सर मुश्किल हालात में लंबे समय तक काम करते हैं।
इस प्रोग्राम को विस्तार देते हुए हम आंखों की बेहतर देखभाल (आईकेयर) की सुविधा को सुगम बनाने में मदद कर रहे हैं, ताकि ड्राइवर सड़क पर ज्यादा सुरक्षित रह सकें और साथ ही उन सप्लाई चेन की विश्वसनीयता भी मजबूत हो सके जिन पर हमारे ग्राहक निर्भर करते हैं।
अगर हम चाहते हैं कि व्यापार निर्बाध तरीके से चलता रहे, तो लोगों की सुविधाओं के लिए निवेश करना उतना ही जरूरी है जितना कि इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करना।"
विजनस्प्रिंग फाउंडेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर अंशु तनेजा ने कहा, “सुरक्षित ड्राइविंग के लिए साफ नजर का होना जरूरी है। फिर भी कई पेशेवर ड्राइवर नजर से संबंधित ऐसी परेशानियों के साथ काम करते रहते हैं, जिन्हें ठीक किया जा सकता है।
इस साझेदारी को विस्तार देने से हम हजारों और ड्राइवरों तक आंखों की जरूरी देखभाल पहुंचा पाएंगे। इससे सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, साथ ही लोगों की रोजी-रोटी सुरक्षित रहेगी और उन ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को भी मदद मिलेगी जिन पर लोग और कारोबार निर्भर करते हैं।”
शिपिंग सॉल्युशंस और विजनस्प्रिंग फाउंडेशन की पहल से वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करने वाले लोगों और समुदायों को सपोर्ट करने की डीपी वर्ल्ड की व्यापक प्रतिबद्धता फिर से सामने आई है। वाणिज्यिक चालकों के कल्याण के लिए निवेश करते हुए कंपनी का लक्ष्य परिवहन गतिविधियों को सुरक्षित बनाना और पूरे भारत में ज्यादा रेजिलिएंट सप्लाई चेन तैयार करना है।
