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National News

*गाजियाबाद (उत्तरप्रदेश) निवासी सुभाष चंद चावला के दावें हो रहें है सही और सटीक साबित

अभी भी दावा कि निकट भविष्य में दुनिया के नक्शे से 5 या 6 देश खत्म हो जाएँगे !!*

मुख्य बिंदु
  • देश की राजधानी नई दिल्ली से सटे गाजियाबाद (उत्तरप्रदेश) के निवासी सुभाष चंद चावला दावा करते है कि भूत, वर्तमान और भविष्य के सम्बंध में की गई उनकी सारी भविष्यवाणियाँ अब तक सही साबित हुई है ।
  • चावला कहते है कि ईश्वर से मिले नैसर्गिक उपहार के चलते मैंने पिछले वर्षों में विश्व में होने वाली कई कई गंभीर संकटों , मामलों और घटनाओं का जिक्र किया था, जो अब विश्व के कई देशों के बीच मौजूदा संकट और युद्धों से साफ दिखाई दे रहा है।
  • साथ ही वे तीसरे विश्व युद्ध की संभावना के बारे में भी दृढ़ता पूर्वक बता चुके है।
  • उनका दावा है कि निकट भविष्य में दुनिया के नक्शे से 5 या 6 देश खत्म हो जाएँगे ।
  • चावला कहते है कि हम देख रहें है कि पिछले कुछ सालों से पूरी दुनिया मानवीय और नेचुरल डिजास्टर से जूझ रही है।
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नई दिल्ली/गाजियाबाद। देश की राजधानी नई दिल्ली से सटे गाजियाबाद (उत्तरप्रदेश) के निवासी सुभाष चंद चावला दावा करते है कि भूत, वर्तमान और भविष्य के सम्बंध में की गई उनकी सारी भविष्यवाणियाँ अब तक सही साबित हुई है ।

चावला कहते है कि ईश्वर से मिले नैसर्गिक उपहार के चलते मैंने पिछले वर्षों में विश्व में होने वाली कई कई गंभीर संकटों , मामलों और घटनाओं का जिक्र किया था, जो अब विश्व के कई देशों के बीच मौजूदा संकट और युद्धों से साफ दिखाई दे रहा है। साथ ही वे तीसरे विश्व युद्ध की संभावना के बारे में भी दृढ़ता पूर्वक बता चुके है। उनका दावा है कि निकट भविष्य में दुनिया के नक्शे से 5 या 6 देश खत्म हो जाएँगे । चावला कहते है कि हम देख रहें है कि पिछले कुछ सालों से पूरी दुनिया मानवीय और नेचुरल डिजास्टर से जूझ रही है।

चावला कहते है कि "मैं ब्रह्म तो नहीं हूँ" …लेकिन परम पिता परमेश्वर की उन पर इतनी अधिक कृपा है कि उन्हें भावी घटनाओं का आभास हों जाता है तथा अब तक उनके द्वारा किए गए सभी दावें लगभग सही और सटीक साबित हुए है । अहं ब्रह्मास्मि" यह एक संस्कृत महावाक्य है जिसका अर्थ है "मैं ब्रह्म हूँ" …।

चावला का कहना है कि अमरीका, रूस और चीन अपने आपको इस धरती का सुपरपावर मानते हैं फिर भी इन दिनों वे कई प्रॉब्लम का सामना कर रहे हैं। मैं पूरे अधिकार के साथ कह सकता हूं कि ये सुपरपावर सिर्फ सुपरपावर हों सकते हैं, सुप्रीम पावर नहीं। वे मानवीय हित में कोई समझौता नहीं कर रहे हैं और एक-दूसरे से लड़ने के लिए तैयार हैं। हाल ही अमेरिका इजराइल का ईरान पर हमला करने से खाड़ी देशों सहित दुनिया के अन्य देशों के सामने तेल का भारी संकट पैदा हों गया है। इससे पूर्व यूक्रेन और रूस के बीच लंबे समय से चल रहा युद्ध अभी तक अनिर्णीत है ।सुपरपावर कहे जाने वाले अमरीका ,नाटो और विश्व के अन्य देशों ने भी इसमें इंटरफेरेंस किया लेकिन वे अब तक इसका कोई सॉल्यूशन नहीं ढूंढ पाए है बल्कि उनके दखल से मामला फिर से उलझ गया है। चावला का दावा है कि विश्व की सब घटनाक्रमों पर करीब से नज़र रख रहा हूं।
मैंने बताया है कि दुनिया की समस्याओं का 2030 तक कोई सॉल्यूशन नहीं दिखता, बल्कि मामला और उलझ जाएगा। आने वाले नए साल में कई इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन जैसे सयुंक्त राष्ट्र संगठन (यूएनओ), विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यू एच ओ), वर्ल्ड बैंक या इंसानों के फायदे के लिए बनी दूसरी सभी संस्थाएं पूरी तरह फेल हो जाएंगी। दुनिया की मौजूदा परिस्थितियों में लगातार पॉजिटिव एवं नेगेटिव, जस्टिस और इनजस्टिस तथा नेचुरल एवं अननेचुरल परिस्थितियां देखने में आ रही है। पूरी दुनिया कई प्रकार के घटनाक्रमों के इर्द गिर्द पर घूम रही है ।

सुभाष चंद चावला बताते है कि उनका जन्म अगस्त 1955 में वाराणसी में हुआ था, जिसे पहले बनारस कहा जाता था। उनके पैर सीधे हैं और इसके अलावा उनकी जन्म कुण्डली में सभी ग्रह एक तरफ है।उनके जन्म के समय उनका नाम तुलसीदास रखा गया था। वे बताते है कि मेरा जन्म का समय दोपहर 12:24 बजे है, जिसे अयोध्या मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का समय माना गया है। वे कहते है कि मुझ पर भगवान का इतना अधिक आशीर्वाद है इसलिए वे विश्व की हर समस्या के समाधान के सुझाव दें सकते है।