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तेंदुआ, बिल्ली और भालू की ट्रेन के जरिए कश्मीर से चेन्नई शिफ्टिंग

जम्मू मंडल की बड़ी उपलब्धि

मुख्य बिंदु
  • उत्तर रेलवे के नव स्थापित जम्मू मंडल ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक पहल के साथ उपलब्धि हासिल की है।
  • जम्मू मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री उचित सिंघल के नेतृत्व में फ़िर एक बार रेलवे के इतिहास में पहली बार जम्मू से एम.
  • आर चेन्नई तक की लंबी दूरी के लिए एक दुर्लभ चिड़ियाघर जानवरों का सफलतापूर्वक परिवहन किया गया है।
  • जम्मू मंडल के जनसंपर्क निरीक्षक श्री राघवेंद्र सिंह के इन वन्य जीवों में दो तेंदुआ बिल्ली और दो काला भालू थे।
  • जिन्हें ट्रेन संख्या 16032 के वीपीयू कोच द्वारा जम्मू से तमिलनाडु राज्य के एम.
  • आर चेन्नई के लिए भेजा गया।
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तेंदुआ, बिल्ली और भालू की ट्रेन के जरिए कश्मीर से चेन्नई शिफ्टिंग

जम्मू। उत्तर रेलवे के नव स्थापित जम्मू मंडल ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक पहल के साथ उपलब्धि हासिल की है। जम्मू मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री उचित सिंघल के नेतृत्व में फ़िर एक बार रेलवे के इतिहास में पहली बार जम्मू से एम.जी.आर चेन्नई तक की लंबी दूरी के लिए एक दुर्लभ चिड़ियाघर जानवरों का सफलतापूर्वक परिवहन किया गया है।

जम्मू मंडल के जनसंपर्क निरीक्षक श्री राघवेंद्र सिंह के इन वन्य जीवों में दो तेंदुआ बिल्ली और दो काला भालू थे। जिन्हें ट्रेन संख्या 16032 के वीपीयू कोच द्वारा जम्मू से तमिलनाडु राज्य के एम.जी.आर चेन्नई के लिए भेजा गया।

यह चिड़ियाघर के वन्य जीव सड़क परिवहन के मुकाबले कम समय तथा 54 घंटों में जम्मू से एम.जी.आर चेन्नई पहुंचेंगे। यह यात्रा न केवल उत्तर से दक्षिण तक की सबसे लंबी वन्यजीव यात्राओं में से एक है, बल्कि सुरक्षित परिवहन के मानकों में भी एक नया मील का पत्थर है।

जम्मू मंडल की एक और उपलब्धि पर विस्तार से बात करें तो, इन चिड़ियाघर के वन्य जीवों को ले जाने के लिए ट्रेन संख्या 16032 में विशेष पार्सल कोच वीपीयू का उपयोग किया गया।

यात्रा के दौरान जानवरों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की निगरानी के लिए चिड़ियाघर के डॉक्टर और वन्यजीव विशेषज्ञों की एक विशेष टीम पूरे रास्ते उनके साथ मौजूद रहेगी।

यह विशेष पार्सल कोच जम्मू रेलवे स्टेशन से रवाना होकर लगभग 2800 किमी की दूरी तय कर चेन्नई पहुँचेगा। यात्रा के दौरान जानवर के कल्याण के लिए भारतीय मानक ब्यूरो के कड़े मानकों का पालन किया गया।जिसमें खाने और पानी की व्यवस्था भी की गई हैं।

जम्मू के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री उचित सिंघल ने इस अवसर पर कहा कि जम्मू मंडल दिन प्रतिदिन नई पहल के साथ आगे बढ़ रहा हैं, इससे पहले रेल परिवहन द्वारा बेंगलुरु से कश्मीर तक 23 विदेशी सांडों को लाया गया था।

इसके बाद एक और पहल करते हुए, चिड़ियाघर के वन्यजीवों को एम.जी.आर चेन्नई रेल परिवहन द्वारा भेजा जा रहा है। रेल परिवहन सड़क मार्ग की तुलना में अधिक सुरक्षित है, बल्कि यह प्रतिकूल मौसम में भी जानवरों के लिए तनावमुक्त यात्रा सुनिश्चित करता है।

हमने पूरी यात्रा के दौरान अनुभवी पशु चिकित्सकों और कीपरों की एक टीम तैनात की थी ताकि जानवर के स्वास्थ्य की निगरानी की जा सके।

इस तरह का व्यवस्थित परिवहन रेलवे की नई क्षमताओं को दर्शाता है।