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Kota News

अभिनेता सलमान खान को 20 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश 

मुख्य बिंदु
  • उपभोक्ता न्यायालय में लंबित इंद्र मोहन सिंह बनाम राजश्री पान मसाला प्रकरण में भ्रामक विज्ञापन के मामले को लेकर आज एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया गया।
  • माननीय न्यायालय ने फिल्म अभिनेता सलमान खान को आगामी 20 जनवरी 2026 को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
  • अधिवक्ता रिपुदमन सिंह ने बताया कि प्रकरण में परिवादी वरिष्ठ भाजपा नेता व अधिवक्ता इंद्र मोहन सिंह हनी ( 9214317071 ) द्वारा यह आपत्ति दर्ज कराई गई थी कि अभिनेता सलमान खान की ओर से प्रस्तुत वकालतनामा एवं अन्य दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर उनके वास्तविक हस्ताक्षर नहीं होकर संदेहास्पद हैं।
  • इस आपत्ति के संबंध में परिवादी द्वारा विधिवत आवेदन प्रस्तुत किया गया था।
  • आज उक्त आवेदन पर सुनवाई करते हुए माननीय उपभोक्ता न्यायालय ने आदेश दिया कि अभिनेता सलमान खान के हस्ताक्षरों की फॉरेंसिक जांच (FSL – Forensic Science Laboratory) कराई जाएगी।
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अभिनेता सलमान खान को 20 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश 

कोटा । उपभोक्ता न्यायालय में लंबित इंद्र मोहन सिंह बनाम राजश्री पान मसाला प्रकरण में भ्रामक विज्ञापन के मामले को लेकर आज एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया गया। माननीय न्यायालय ने फिल्म अभिनेता सलमान खान को आगामी 20 जनवरी 2026 को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

अधिवक्ता रिपुदमन सिंह ने बताया कि प्रकरण में परिवादी वरिष्ठ भाजपा नेता व अधिवक्ता इंद्र मोहन सिंह हनी ( 9214317071 ) द्वारा यह आपत्ति दर्ज कराई गई थी कि अभिनेता सलमान खान की ओर से प्रस्तुत वकालतनामा एवं अन्य दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर उनके वास्तविक हस्ताक्षर नहीं होकर संदेहास्पद हैं। इस आपत्ति के संबंध में परिवादी द्वारा विधिवत आवेदन प्रस्तुत किया गया था।

आज उक्त आवेदन पर सुनवाई करते हुए माननीय उपभोक्ता न्यायालय ने आदेश दिया कि अभिनेता सलमान खान के हस्ताक्षरों की फॉरेंसिक जांच (FSL – Forensic Science Laboratory) कराई जाएगी। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि सलमान खान को स्वयं न्यायालय में उपस्थित होकर अपने हस्ताक्षर नमूने देने होंगे, ताकि उनकी तुलना प्रस्तुत दस्तावेजों से कराई जा सके।

न्यायालय के आदेशानुसार, हस्ताक्षरों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात ही आगे की कार्यवाही की जाएगी। यह मामला भ्रामक विज्ञापन और उपभोक्ता हितों से सीधे जुड़ा हुआ है, जिसे देखते हुए न्यायालय ने इस पर गंभीरता से संज्ञान लिया है।