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Jaislmer news

भील बस्ती वार्ड नम्बर 08, की चार असहाय महिलाओं को दिया मकान का सामित्व

मुख्य बिंदु
  • बरसों पुराने सपने का सच होना - लाछो देवी (पत्नी श्री किशनाराम भील), राजू देवी (पत्नी श्री रावलराम भील), धाफु देवी (पत्नी श्री मूलाराम भील) और बुद्धी देवी (पत्नी श्री भैराराम) लंबे समय से अपने आशियाने के कानूनी मालिकाना हक के लिए इंतजार कर रही थीं।
  • शहरी सेवा शिविर 2026 ने उनके इस बरसों पुराने इंतजार को खत्म कर दिया।
  • पट्टा हाथ में आते ही इन महिलाओं की जीवनभर की पूंजी सुरक्षित हो गई और उनकी मनोकामना पूरी हुई।
  • महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एवं स्थानीय विधायक श्री प्रतापपुरी महाराज की सरहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया हरिजन बस्ती वार्ड नंबर 08 को मिला बड़ा तोहफा शिविर में यह विशेष रूप से वार्ड नंबर 08 की हरिजन बस्ती से जुड़ी है।
  • एक ही इलाके की चार महिलाओं को एक साथ जमीन का मालिकाना हक (पट्टा) मिलना पूरे मोहल्ले के लिए उत्सव जैसा माहौल लेकर आया।
  • इससे बस्ती के अन्य लोगों में भी अपने दस्तावेजों को पूरा कराने का भरोसा जगा है।
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       जैसलमेर । बरसों पुराने सपने का सच होना - लाछो देवी (पत्नी श्री किशनाराम भील), राजू देवी (पत्नी श्री रावलराम भील), धाफु देवी (पत्नी श्री मूलाराम भील) और बुद्धी देवी (पत्नी श्री भैराराम) लंबे समय से अपने आशियाने के कानूनी मालिकाना हक के लिए इंतजार कर रही थीं। शहरी सेवा शिविर 2026 ने उनके इस बरसों पुराने इंतजार को खत्म कर दिया। पट्टा हाथ में आते ही इन महिलाओं की जीवनभर की पूंजी सुरक्षित हो गई और उनकी मनोकामना पूरी हुई। महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एवं स्थानीय विधायक श्री प्रतापपुरी महाराज की सरहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया

      हरिजन बस्ती वार्ड नंबर 08 को मिला बड़ा तोहफा

    शिविर में यह विशेष रूप से वार्ड नंबर 08 की हरिजन बस्ती से जुड़ी है। एक ही इलाके की चार महिलाओं को एक साथ जमीन का मालिकाना हक (पट्टा) मिलना पूरे मोहल्ले के लिए उत्सव जैसा माहौल लेकर आया। इससे बस्ती के अन्य लोगों में भी अपने दस्तावेजों को पूरा कराने का भरोसा जगा है।

       शहरी सेवा शिविर 2026 बना वरदान सरकार द्वारा आयोजित शहरी सेवा शिविर आमजन के लिए राहत की नई किरण साबित हुआ है। इस शिविर के मंच ने जटिल सरकारी प्रक्रियाओं को आसान और सुलभ बना दिया। इसी वजह से इन चारों महिलाओं की पट्टा बनवाने की फाइल बिना किसी देरी के आगे बढ़ी और उन्हें मौके पर ही राहत मिल सकी।

     अधिशाषी अधिकारी (म्व्) झब्बर सिंह का कुशल नेतृत्व सबसे महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने शिविर को केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं बनने दिया, बल्कि हर जरूरतमंद तक सहायता पहुंचाने की ठानी। उनके संवेदनशीलता के कारण ही इन महिलाओं की समस्या का शीघ्र समाधान हो पाया।

      सही कार्य विभाजन और टीम वर्क का शानदार उदाहरण अधिशाषी अधिकारी झब्बर सिंह ने पालिका के हर एक कर्मचारी को उसकी योग्यता और अहमियत के अनुसार काम सौंपा। कर्मचारियों के मध्य इन  कार्य विभाजन के कारण कागजी कार्रवाई बहुत तेजी से पूरी हुई। टीम के इसी बेहतरीन तालमेल ने नामुमकिन दिख रहे काम को भी मुमकिन बना दिया।

      आमजन के बीच बनी दैनिक चर्चा का विषय शिविर में जिस तरह से पारदर्शी और बिना किसी परेशानी के काम हुआ, वह अब आम लोगों के बीच हर दिन की चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। शहर का हर व्यक्ति पालिका प्रशासन के इस बेहतरीन काम और चारों महिलाओं को मिली इस बड़ी कामयाबी की सराहना कर रहा है।