जैसलमेर । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली व राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों की पालना में जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जैसलमेर ओमी पुरोहित के निर्देशन में सचिव श्री ललित पुरोहित, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जैसलमेर द्वारा जिला कारागृह का निर्धारित एक्शन प्लान अनुसार साप्ताहिक निरीक्षण किया गया।
दौराने निरीक्षण प्रिजन लीगल एड क्लिनिक एवं लीगल एड हेल्प डेस्क (मुलाकात से न्याय तक) पर पैरा लीगल वॉलियंटर द्वारा संधारित किए जाने वाले रजिस्टर/फॉरमेट्स का अवलोकन किया।
गरीब बंदियों को वित्तीय सहायता योजना पर गंभीरता विचार विमर्श कर ऐसे बंदियों को लाभान्वित करने के लिए ईप्रिजन एवं जेल डाटा को गहन अवलोकन किया गया।
कारागृह में निरूद्ध विचाराधीन बंदियों से वार्ता कर उनकी समस्याओं का सुना गया। कारागृह के परिसर में बने बैरक, रसोई, क्लिनिक, कार्यालय आदि की साफ-सफाई समुचित पाई गई, बंदियों को डाईट स्केल के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। कारागृह में बने डिस्पेंसरी का निरीक्षण किया गया जिसमें एक नर्स व फार्मासिस्ट कार्यरत हैं।
सभी बंदियों से वार्ता किया जाने पर पाया गया कि सभी बंदियों के पास अपने अधिवक्ता उपलब्ध होना बताया। ऐसा कोई बंदी नहीं बताया गया जिसके पास अधिवक्ता सेवा नहीं हो।
मानवाधिकार तथा नालसा स्पूरहा योजना जो कि बंदियों के परिवारजनों के सहायतार्थ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी चलाई जा रही है की जानकारियां साझा की गई, बताया गया कि योजना द्वारा जेल में बंद बंदियों को उन पर आश्रित परिवारजनों हेतु विधिक व राजकीय योजनाओं की सहायता प्रदान की जाती है।
बंदियों का उनके विधिक अधिकारों तथा अदालती प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। मुलाकात करने वालों की सहायतार्थ भी हेल्प डेस्क संचालित की जा रही है।
बंदियों से मुलाकात करते हुए सचिव ने बताया कि कोई भी बंदी कभी भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मुफ्त विधिक सहायता प्राप्त कर सकता है इस हेतु लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्तागण समय - समय पर जेल विजिट करते हैं तथा इसके लिए लीगल एड क्लिनिक पर पीएलवी एवं फार्म उपलब्ध है।
