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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एनजीएमए मुंबई में ‘लेंस & लिगेसी’प्रदर्शनी का किया दौरा

मुख्य बिंदु
  • श्री किरेन रिजिजू — संसदीय कार्य मंत्री एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (NGMA), मुंबई में चल रही प्रदर्शनी ‘लेंस & लिगेसी’: बॉलीवुड इन फोकस’ का दौरा किया।
  • इस दौरान उन्होंने एनजीएमए मुंबई की निदेशक आईएएस निधि चौधरी; प्रख्यात फोटोग्राफर प्रदीप चंद्रा, शांतनु दास और सुधारक ओल्वे; लेखक एवं फिल्म इतिहासकार एसएमएम औसजा; कामत फोटो फ्लैश की नेहा कामत तथा एनजीएमए मुंबई की उप-क्यूरेटर श्रुति दास के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
  • उन्होंने भारतीय सिनेमा के विस्तृत दृश्य दस्तावेज़ीकरण और इसकी समृद्ध अभिलेखीय विरासत की सराहना की।
  • “मैं पहली बार एनजीएमए मुंबई आया हूँ।
  • मैं इसे ‘बॉलीवुड’ नहीं कहता क्योंकि यह एक पश्चिमी शब्द है; हम इसे भारतीय फिल्म उद्योग कहते हैं… मुंबई में कई दशकों से मौजूद इस फिल्म उद्योग की पूरी यात्रा को इस प्रदर्शनी में बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया है।
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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एनजीएमए मुंबई में ‘लेंस & लिगेसी’प्रदर्शनी का किया दौरा

श्री किरेन रिजिजू — संसदीय कार्य मंत्री एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (NGMA), मुंबई में चल रही प्रदर्शनी ‘लेंस & लिगेसी’: बॉलीवुड इन फोकस’ का दौरा किया।

इस दौरान उन्होंने एनजीएमए मुंबई की निदेशक आईएएस निधि चौधरी; प्रख्यात फोटोग्राफर प्रदीप चंद्रा, शांतनु दास और सुधारक ओल्वे; लेखक एवं फिल्म इतिहासकार एसएमएम औसजा; कामत फोटो फ्लैश की नेहा कामत तथा एनजीएमए मुंबई की उप-क्यूरेटर श्रुति दास के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

उन्होंने भारतीय सिनेमा के विस्तृत दृश्य दस्तावेज़ीकरण और इसकी समृद्ध अभिलेखीय विरासत की सराहना की।

“मैं पहली बार एनजीएमए मुंबई आया हूँ। मैं इसे ‘बॉलीवुड’ नहीं कहता क्योंकि यह एक पश्चिमी शब्द है; हम इसे भारतीय फिल्म उद्योग कहते हैं… मुंबई में कई दशकों से मौजूद इस फिल्म उद्योग की पूरी यात्रा को इस प्रदर्शनी में बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया है।

जिस तरह से पेंटिंग्स और पुरानी तस्वीरों को संरक्षित और क्यूरेट किया गया है, उससे मैं बहुत प्रभावित हूँ। इस यात्रा को जिस तरीके से प्रस्तुत किया गया है, वह अद्भुत है।

अगर कोई व्यक्ति यहाँ दो घंटे बिताए, तो वह मूक सिनेमा के दौर से लेकर आज तक के फिल्म उद्योग की पूरी यात्रा को समझ सकता है।

मुझे यह भी बहुत अच्छा लगा कि हाल ही में जिन दिग्गज सितारों को हमने खोया है, जैसे धर्मेंद्र और आशा भोसले, उन्हें बेहद सुंदर श्रद्धांजलि दी गई है।

मुझे इसका कॉन्सेप्ट और इसकी सादगी बहुत पसंद आई। आपको किसी अलग व्याख्या की ज़रूरत नहीं पड़ती; अगर आप प्रदर्शनी में बस एक चक्कर लगा लें, तो सब कुछ समझ में आ जाता है,” मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा।