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डबल इंजन के नाम पर राजस्थान में सरकार बनाने के बावजूद केंद्र ने राजस्थान सरकार के इंजन को ईंधन ही नहीं दिया - डॉ संजीव राजपुरोहित

मोदी सरकार के पास देश के लिए कोई विजन नहीं, कोई राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं है। बजट में देश की आर्थिक, समाजिक, राजनीतिक चुनौतियां का एक भी समाधान नहीं है - फतह सिंह राठौड़ 

मोदी सरकार के पास देश के लिए कोई विजन नहीं, कोई राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं है। बजट में देश की आर्थिक, समाजिक, राजनीतिक चुनौतियां का एक भी समाधान नहीं है - फतह सिंह राठौड़

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डबल इंजन के नाम पर राजस्थान में सरकार बनाने के बावजूद केंद्र ने राजस्थान सरकार के इंजन को ईंधन ही नहीं दिया - डॉ संजीव राजपुरोहित

उदयपुर। केंद्र की मोदी सरकार के बजट पर उदयपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार का आम बजट हर बार की तरह निराशावादी रहा है।

बजट को देखकर लगता है कि मोदी सरकार के पास देश के लिए कोई विजन नहीं है, कोई राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं है। आम बजट में देश की आर्थिक, समाजिक, राजनीतिक चुनौतियां का एक भी समाधान नहीं है।

युवाओं के रोजगार के लिए कोई ठोस योजना नहीं दी। गरीब आ मिडिल क्लास के लिए महंगाई में कोई राहत नहीं दी गई है।

आम लोगों की बचत कम हो रही है। सिर्फ वादे दोहराए जा रहे है।

स्मार्ट सिटीज के नाम पर शहर रहने लायक भी नहीं है। स्मार्ट सिटी (इंदौर) में लोग गंदा पानी पीकर अपनी जान गंवा रहे है।

लेकिन मोदी सरकार स्मार्ट सिटी के नाम जुमला दे रही है। हर फंड में कटौती कर के आंकड़ों का खेल खेला जा रहा है।

कृषि क्षेत्र, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, स्वास्थ्य एवं शिक्षा बजट में कमी करना देश को पीछे धकेलने की कोशिश की जा रही है।

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस सोशल मीडिया कोर्डिनेटर डॉ संजीव राजपुरोहित ने केंद्र सरकार के बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कहने को राजस्थान की जनता से डबल इंजन की सरकार बनाने के नाम पर वोट लिए लेकिन देश के बजट में तो केंद्र सरकार ने राजस्थान सरकार के इंजन को ईंधन ही नहीं दिया।

देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान का बजट भाषण में कोई मेंशन न होना प्रदेश के साथ अन्याय है। गरीब, श्रमिकों और असंगठित क्षेत्र की बड़ी आबादी के लिए कोई राहत का बड़ा ऐलान नहीं हुआ है।

बजट में महंगाई को कंट्रोल करने के लिए भी कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। रुपए की गिरावट से निपटने के लिए भी सरकार के पास कोई योजना नहीं है।

असमानता ब्रिटिश राज के दौर को पार कर गई है, लेकिन बजट में इसका जिक्र तक नहीं किया गया है। ये एक थकी हुई और रिटायर हो चुकी सरकार का बजट है।

पहले तो मोदी सरकार पैसा नहीं देना चाहते और ऊपर से मिले बजट को भी खर्च नहीं करते हैं। यह बजट गरीबों, युवाओं के हित में नहीं है।

महंगाई कैसे कम होगी?, रोजगार कैसे पैदा होंगे?, इसका कोई उल्लेख नहीं किया गया है। कुल मिलाकर डबल इंजन के बावजूद यह बजट राजस्थान के लिए ऊंची दुकान फीका पकवान साबित हुआ है।

और देश के लिए भी यह आम बजट बेहद निराशाजनक है।