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अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई और तेज, खनन माफिया में हड़कंप

देवलिया में 100–125 टन क्वार्ट्ज जब्त, कुराबड़ में फेल्सपार व मेसनरी स्टोन पकड़ा

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अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई और तेज, खनन माफिया में हड़कंप
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उदयपुर:अरावली पर्वतमाला के संरक्षण एवं अवैध खनन पर प्रभावी रोकथाम के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत उदयपुर जिले में सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। जिला कलेक्टर नमित मेहता के निर्देशन में खनन, वन, पुलिस, परिवहन एवं राजस्व विभागों की संयुक्त टीमें निरंतर निगरानी रखते हुए कार्रवाई को अंजाम दे रही हैं। इससे अवैध खनन से जुड़े तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है।


खनन अभियंता आसिफ अंसारी ने बताया कि रविवार को संयुक्त निरीक्षण दल द्वारा शीशवी–कुराबड़ क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इस दौरान एक ट्रेलर में परिवहन की जा रही लगभग 40 टन फेल्सपार अवैध पाए जाने पर जब्त की गई। इसी क्रम में कुराबड़ क्षेत्र में ही ओवरलोडिंग के मामले में दो ट्रेलर, जिनमें लगभग 70 टन मेसनरी स्टोन भरा हुआ था, को भी जब्त किया गया। सभी जब्त वाहनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

उधर, ऋषभदेव क्षेत्र में पुलिस उप अधीक्षक हेरम्ब जोशी के निर्देशन में थानाधिकारी सहित पुलिस टीम ने गश्त के दौरान देवलिया पहुंचकर कार्रवाई की। वहां लगभग 100 से 125 टन सफेद पत्थर (क्वार्ट्ज) का अवैध भंडारण पाया गया। मौके पर खनन विभाग के अधिकारियों को बुलाकर मौका-पर्चा तैयार किया गया तथा क्वार्ट्ज को निगरानी में लिया गया। अग्रिम कार्रवाई प्रचलित है।

इसी प्रकार पाटिया थाना क्षेत्र में थानाधिकारी देवेंद्र सिंह राव के नेतृत्व में टीम ने अवैध खनन अभियान के तहत मेसनरी स्टोन से भरी ट्रॉली सहित एक ट्रैक्टर को डिटेन कर खनन विभाग, ऋषभदेव को सूचित किया।

ईसवाल गांव में अवैध खनन की सूचना पर खनन विभाग के वरिष्ठ कार्यादेशी धर्मेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। निरीक्षण में दो अलग-अलग स्थलों पर अवैध खनन कर मेसनरी स्टोन निकाला जाना पाया गया। टीम द्वारा दो प्रकरण दर्ज कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई प्रारंभ की गई।

अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस नीति

जिला कलेक्टर नमित मेहता ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अरावली क्षेत्र में अवैध खनन की रोकथाम को लेकर पूरी तरह गंभीर है। सरकार के निर्देशानुसार अरावली क्षेत्र में अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि पर्यावरण संरक्षण और अरावली पर्वतमाला का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।