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Entertainment

झारखंड में फिल्म निर्माण की काफी संभावनाएं हैं.

फिल्म निर्माता रवि कौशल 

फिल्म निर्माता रवि कौशल

मुख्य बिंदु
  • ऐश्वर्या शिखा फिल्म्स के बैनर तले बनने वाली फिल्म 'ऐसा कब तक' के लिए सिंगर कोनालिका के स्वर में पिछले दिनों मुंबई स्थित आर्यन रिकॉर्डिंग स्टूडियो में एक गीत रिकॉर्ड किया गया।
  • रिकॉर्डिंग के समय अभिनेता चांद मेहरा भी उपस्थित थे।
  • 'ऐसा कब तक' के गीतकार निरंजन बुद्धधारा, कैलाश लखनवी व एंजल और म्यूजिक कंपोज किया है कुंज बिहारी ने।
  • बॉलीवुड के चर्चित निर्देशक एम ए अरमान के निर्देशन में बन रही इस फिल्म के सह निर्माता राकेश कुमार सिंह एवं शिव उरांव और कार्यकारी निर्माता दृष्टि उनगर हैं।
  • इस फिल्म के निर्माता रवि कौशल हैं।
  • विदित हो कि झारखंड से फिल्म निर्माता रवि कौशल का रिश्ता वर्षों पुराना रहा है।
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झारखंड में फिल्म निर्माण की काफी संभावनाएं हैं.

ऐश्वर्या शिखा फिल्म्स के बैनर तले बनने वाली फिल्म 'ऐसा कब तक' के लिए सिंगर कोनालिका के स्वर में पिछले दिनों मुंबई स्थित आर्यन रिकॉर्डिंग स्टूडियो में एक गीत रिकॉर्ड किया गया।

रिकॉर्डिंग के समय अभिनेता चांद मेहरा भी उपस्थित थे। 'ऐसा कब तक' के गीतकार निरंजन बुद्धधारा, कैलाश लखनवी व एंजल और म्यूजिक कंपोज किया है कुंज बिहारी ने।

बॉलीवुड के चर्चित निर्देशक एम ए अरमान के निर्देशन में बन रही इस फिल्म के सह निर्माता राकेश कुमार सिंह एवं शिव उरांव और कार्यकारी निर्माता दृष्टि उनगर हैं।

इस फिल्म के निर्माता रवि कौशल हैं। विदित हो कि झारखंड से फिल्म निर्माता रवि कौशल का रिश्ता वर्षों पुराना रहा है।

झारखंड की धरती से जुड़ी फिल्म 'अग्निकुंड' का निर्माण रवि कौशल कर चुके हैं। अपनी नवीनतम फिल्म 'ऐसा कब तक' की शूटिंग भी रवि कौशल झारखंड के ग्रामीण व शहरी इलाकों के रमणीक लोकेशनों में करेंगे।

इस फिल्म की कथावस्तु में दर्शकों के टेस्ट को ध्यान में रखते हुए रोमांस, एक्शन, कॉमेडी और ट्रेजेडी का समावेश किया गया है।

फिल्म के सॉन्ग की रिकॉर्डिंग के दौरान आयोजित प्रेस वार्ता में अपनी नवीनतम फिल्म 'ऐसा कब तक' की मेकिंग की विस्तृत चर्चा करते हुए फिल्म निर्माता रवि कौशल झारखंड राज्य के अपने अनुभवों को साझा किया और झारखंड फिल्म उद्योग को लेकर भी अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड में फिल्म निर्माण की काफी संभावनाएं हैं।

यहां के युवाओं में फिल्मों के प्रति अपनापन नजर आता है। यहां की फिल्मी गतिविधियों से जुड़े कलाकारों और एक्टिव फिल्मकारों के मनोबल को बढ़ाने के लिए मौजूदा सरकार को ध्यान देना चाहिए।

मुझे तो लगता है झारखंड राज्य फिल्म विकास निगम केवल कागजी घोड़ा बन कर रह गया है।