नई दिल्ली । अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका के नेतृत्व में सम्मेलन के एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल जी से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की।
भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थानी भाषा को भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कर उसे संवैधानिक मान्यता प्रदान करने की माँग से संबंधित ज्ञापन मेघवाल जी को सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से राजस्थानी भाषा की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को उचित सम्मान दिलाने तथा उसे संवैधानिक मान्यता प्रदान करने की दिशा में आवश्यक पहल करने का आग्रह किया गया।
मेघवाल ने ज्ञापन को पढ़ कर सैद्धांतिक रूप से स्वीकार किया कि राजस्थानी भाषा को संविधान में अवश्य स्थान मिलना चाहिये। उन्होंने इसके लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और कहा वो इस मुहीम में सम्मेलन के साथ हैं।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मेघवाल को दुपट्टा ओढ़ाकर, सम्मेलन का स्मृति-चिह्न तथा सम्मेलन की पत्रिका ‘समाज विकास’ और ‘अपील’ की प्रति भेंट कर सम्मानित किया। प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य सज्जन शर्मा, विनोद राठी सहित समाज के अन्य बंधु उपस्थित थे।
