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भ्रामक वीडियो फैलाने वालों के खिलाफ उत्तर रेलवे की सख्त कार्रवाई, दो इंस्टाग्राम हैंडलर्स के खिलाफ मामला दर्ज

सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री न फैलाने की अपील

मुख्य बिंदु
  • उत्तर रेलवे ने त्योहारों के मौसम में सोशल मीडिया पर गलत और भ्रामक वीडियो फैलाने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
  • इसी क्रम में 4 नवंबर को रेलवे परिसरों और ट्रेनों से संबंधित फर्जी (फेक) वीडियो प्रसारित करने के आरोप में दो इंस्टाग्राम हैंडलर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
  • उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री हिमांशु शेखर उपाध्यक्ष द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उत्तर रेलवे प्रशासन का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व पुरानी या असंबंधित घटनाओं के वीडियो को हाल का बताकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं, जिससे आम यात्रियों में भ्रम और अफरा-तफरी का माहौल पैदा होता है।
  • रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसी भ्रामक सूचनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
  • उत्तर रेलवे ने सभी इंटरनेट और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे बिना किसी पुष्टि के ऐसी भ्रामक, अधूरी या फर्जी सामग्री को शेयर या रीपोस्ट करने से बचें।
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भ्रामक वीडियो फैलाने वालों के खिलाफ उत्तर रेलवे की सख्त कार्रवाई, दो इंस्टाग्राम हैंडलर्स के खिलाफ मामला दर्ज

नई दिल्ली । उत्तर रेलवे ने त्योहारों के मौसम में सोशल मीडिया पर गलत और भ्रामक वीडियो फैलाने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।

इसी क्रम में 4 नवंबर को रेलवे परिसरों और ट्रेनों से संबंधित फर्जी (फेक) वीडियो प्रसारित करने के आरोप में दो इंस्टाग्राम हैंडलर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री हिमांशु शेखर उपाध्यक्ष द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उत्तर रेलवे प्रशासन का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व पुरानी या असंबंधित घटनाओं के वीडियो को हाल का बताकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं, जिससे आम यात्रियों में भ्रम और अफरा-तफरी का माहौल पैदा होता है।

रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसी भ्रामक सूचनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।उत्तर रेलवे ने सभी इंटरनेट और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे बिना किसी पुष्टि के ऐसी भ्रामक, अधूरी या फर्जी सामग्री को शेयर या रीपोस्ट करने से बचें।

यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर अफवाहें या फेक कंटेंट फैलाता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।