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Udaipur News

नागरिकों की शिकायतों पर सांसद डॉ रावत ने अधिकारियों के साथ की बैठक, कई मुद्दों पर निवारण के निर्देश दिए

बिछडी में प्रदूषण, उदयपुर झील के पानी की जांच करवाने, झील में सीवरेज सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई

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नागरिकों की शिकायतों पर सांसद डॉ रावत ने अधिकारियों के साथ की बैठक, कई मुद्दों पर निवारण के निर्देश दिए

उदयपुर। उदयपुर एवं सलूम्बर जिले के उद्योग, झील एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों में वायु, जल एवं भूमि प्रदूषण के कारण उत्पन्न हो रही पर्यावरणीय, स्वास्थ्य एवं पेयजल संबंधी समस्याओं को लेकर स्थानीय ग्रामवासियों द्वारा दिए जा रहे परिवाद एवं शिकायतों के सम्बन्ध में सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों से चर्चा की। सांसद ने जनता की शिकायतों को अधिकारियों के सामने रखकर तत्काल उनके निवारण के निर्देश दिए।

इस बैठक में सीएमएचओ सलूंबर डॉ. महेन्द्र परमार, एसई पीएचईडी सलंूबर विमल प्रकाश सिसोदिया, राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल उदयपुर के क्षेत्रीय अधिकारी विनय कट्टा व एसओ श्रीमती पायल पंचोली, एसई पीएचईडी उदयपुर रविन्द्र कुमार चौधरी, माईनिंग इंजिनियर, उदयपुर आसिफ एम. अंसारी, डिप्टी सीएमएचओ उदयपुर डॉ. विक्रम सिंह तथा एजीए, हिन्दुस्तान जिंक, देबारी, उदयपुर आदित्य नारायण ठाकुर मौजूद रहे।

सांसद डॉ रावत ने अधिकारियों को बताया कि उदयपुर जिले के ग्राम बिछड़ी एवं आस-पास के क्षेत्र में बोरवेल से प्रदूषित पानी आने की शिकायत जनता कर रही है।

क्षेत्र में हिन्दुस्तान एग्रो कम्पनी वर्षों पूर्व बन्द हो गई है तथा हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड के उद्योग अपशिष्ट के फैलने से क्षेत्र में भूजल दूषित है।

इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड़ द्वारा क्षेत्र में विभिन्न स्थानों से बोरवेल के पानी के सेम्पल लेकर आवश्यक जांच कराई जाने का निर्णय लिया गया।

इसी तरह उदयसागर झील का पानी अत्यन्त दूषित होने एवं पानी पीने योग्य नहीं होने के सम्बन्ध में चर्चा की गई, जिसमें पीएचईडी एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा संयुक्त रूप से आगामी 10 दिनों में उदयसागर झील में करीब 15-20 स्थानों से पानी के सेम्पल लेकर अधिक वैज्ञानिक जांच करवाई जाने का निर्णय लिया गया।

उदयसागर झील के पानी में भारी मेटल यथा क्रोमियम, निकल आदि पाये जानेे तथा पानी के अत्यन्त दूषित होने के सम्बन्ध में निर्णय लिया गया कि झील के पानी में हो रहे प्रदूषण की उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए।

इसके लिए भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान, मुम्बई के शोधार्थियों द्वारा इसकी विशेष जांच कराए जाने का प्रस्ताव पीएचईडी एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा संयुक्त रूप से केन्द्र एवं राज्य सरकार को भिजवाये जाने का निर्णय लिया गया।

उदयसागर झील में सामान्य एवं इसमें स्थित एक होटल से निकले सीवरेज से हो रहे प्रदूषण के सम्बन्ध में नगर निगम, उदयपुर से प्रतिवेदन लेने एवं अगली बैठक में नगर निगम को भी सम्मिलित किये जाने का निर्णय लिया गया।

डिप्टी सीएमएचओ उदयपुर को जिले में सिलिकोसिस मरीजों की स्थिति, क्षेत्रवार विवरण एवं डीएमएफ निधि से आज तक दी गई सहायता के संबंध में विभिन्न प्रभावी आदेशों सहित सम्पूर्ण रिपोर्ट दिये जाने के निर्देश दिए गए। जिला सलूम्बर के ग्राम कानपुर, पाडला, देवपुरा और धावड़िया में दूषित पेयजल के सम्बन्ध में प्राप्त शिकायत पर पी.एच.ई.डी एवं चिकित्सा विभाग को संयुक्त सर्वे करने एवं विस्तृत रिपोर्ट से अवगत कराने के निर्देश दिये।