उदयपुर। पशुपालकों की आय में वृद्धि, पशुधन की आनुवंशिक गुणवत्ता में सुधार एवं गुणवत्तापूर्ण मादा संतति प्राप्त करने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग द्वारा आधुनिक पशु प्रजनन तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इसी क्रम में बड़गांव उपखंड के ग्राम इसवाल में सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक से गीर नस्ल की स्वस्थ बछड़ी का जन्म हुआ है।ग्राम इसवाल निवासी पशुपालक जमुना शंकर जोशी की गीर नस्ल की गाय में पशुपालन विभाग, बड़गांव के पशुधन निरीक्षक विकास पवार द्वारा सेक्स सॉर्टेड गीर सीमन से कृत्रिम गर्भाधान कराया गया था।
सफल गर्भधारण के पश्चात गाय ने स्वस्थ गीर नस्ल की बछड़ी को जन्म दिया।एसडीएम मनसुख डामोर ने बताया कि आधुनिक पशु प्रजनन तकनीकों का उपयोग पशुधन की गुणवत्ता एवं उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सेक्स सॉर्टेड सीमन के उपयोग से मादा संतति प्राप्त होने की संभावना सामान्य वीर्य की तुलना में अधिक रहती है।
गुणवत्तापूर्ण मादा संतति भविष्य में बेहतर दुग्ध उत्पादन क्षमता वाले पशुधन के विकास में सहायक हो सकती है।पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए कृत्रिम गर्भाधान, सेक्स सॉर्टेड सीमन तथा अन्य आधुनिक प्रजनन तकनीकों को पशुपालकों तक पहुंचाया जा रहा है।
इससे पशुधन की आनुवंशिक गुणवत्ता में सुधार के साथ पशुपालकों की उत्पादकता एवं आय बढ़ाने में सहायता मिलने की संभावना है।इस नवाचार को आगे बढ़ाने में राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एवं पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत के मार्गदर्शन तथा विभागीय अधिकारियों के सहयोग का उल्लेख किया गया।
स्थानीय स्तर पर ब्लॉक पशुपालन स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दत्तात्रेय चौधरी, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. निर्मल एवं पशुधन निरीक्षक विकास पवार द्वारा तकनीक को धरातल पर लागू करने में सक्रिय भूमिका निभाई जा रही है।पशुपालन विभाग, बड़गांव ने पशुपालकों से अपील की है कि वे विभागीय अधिकारियों एवं पशु चिकित्सा विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में आधुनिक पशु प्रजनन तकनीकों का लाभ उठाएं तथा अपने पशुधन की गुणवत्ता एवं उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ें।
