उदयपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर आज अनुसंधान निदेशालय, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर में श्रद्धा के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन माननीय कुलगुरु, डॉ. प्रताप सिंह के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुसंधान निदेशक, डॉ. मनोज कुमार महला ने की।
कार्यक्रम का शुभारम्भ महात्मा गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। डॉ. महला ने अपने उद्बोधन में कहा कि महात्मा गांधी जी ने सत्य, अहिंसा एवं स्वावलम्बन के मार्ग पर चलकर देश को नई दिशा दी।
उनका जीवन सादगी, आत्मनिर्भरता और स्वच्छता का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि गांधी जी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और हमें कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक के रूप में किसानों तक उनके स्वदेशी एवं स्वावलंबन के विचारों को पहुँचाना चाहिए।
उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री जी के प्रसिद्ध नारे 'जय जवान, जय किसान' को याद करते हुए कहा कि शास्त्री जी ने किसानों के महत्व को देश के सामने रखा।
उनका सादा जीवन और उच्च विचार हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत है। एक किसान का बेटा देश का प्रधानमंत्री बनकर भी सादगी से रहा, यह हम सभी को सीखना चाहिए।
उन्होंने सभी को गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती की शुभकामनाएं दीं। साथ ही, हमें गांधी जी के व्रतों और सिद्धांतों को अपने जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और परिश्रम को अपने दैनिक आचरण में लाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। वहीं, शास्त्री जी की भी कार्यशैली और जीवनशैली हम सभी वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायक है।
उन्होंने ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और देश प्रेम के साथ काम किया। हमें भी अपने कार्यालय के कार्यों में उनकी ईमानदारी और सादगी को अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के अनुसंधान कार्यों को किसान हित में और अधिक गति देने के लिए हम हमेशा बाध्य रहेंगे, यही दोनों महापुरुषों को हमारी सच्ची पुष्पांजलि होगी।
क्षेत्रीय अनुसंधान निदेशक, डॉ. एस.एस. लखावत ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर डॉ. रवि कांत शर्मा, डॉ. राम नारायण बुनकर, डॉ. अमित दाधीच, डॉ. पी. बी. सिंह, डॉ. हरि सिंह, डॉ. जगदीश चौधरी, डॉ. दीपक कुमार एवं अनुसंधान निदेशालय के अन्य वैज्ञानिकगण, अधिकारीगण एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित रहे तथा सभी ने गांधी जी और शास्त्री जी की प्रतिमा पर श्रद्धापूर्वक पुष्प अर्पित किए।
कार्यक्रम के सफल संचालन में अनुसंधान निदेशालय के गैर-शिक्षक कर्मचारी श्री मोहित भाटी, लोकेश रावत, नरेंद्र जी एवं अन्य द्वारा योगदान दिया गया।
