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Udaipur News

पूजनीया रासेश्वरी देवी का उदयपुर आगमन पर भव्य स्वागत, जन्माष्टमी पर आज विशेष कार्यक्रम

कृष्ण कौन हैं, हमारा उनसे क्या संबंध है इस पर विशेष संबोधन देंगी

मुख्य बिंदु
  • प्रख्यात आध्यात्मिक मार्गदर्शिका पूजनीया रासेश्वरी देवी श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर गुरुवार को उदयपुर पहुंची।
  • उनका सैंकडों भक्तों की ओर से एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया।
  • उनके सान्निध्य में 4 सितंबर को शहर में जन्माष्टमी उत्सव का विशेष आयोजन किया जा रहा है।
  • कृष्ण जन्माष्टमी का विशेष कार्यक्रम जस्टा राजपुताना रिज़ॉर्ट, हिरण मगरी में सायं 6 बजे से प्रारंभ होगा और रात 12.
  • इस मौके पर सभी भक्तों का प्रवेश निःशुल्क रहेगा।
  • इस अवसर पर भजन कंसर्ट, देवी जी द्वारा जन्माष्टमी एवं श्री कृष्ण के विषय में अनसुनी प्रसंग के विषय पर ज्ञान प्रकाश, तत्पश्चात संकीर्तन होगा और भक्तजन बाल गोपाल के प्राकट्य की प्रतीक्षा करते हुए उत्सव मनाएंगे।
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पूजनीया रासेश्वरी देवी का उदयपुर आगमन पर भव्य स्वागत, जन्माष्टमी पर आज विशेष कार्यक्रम

उदयपुर। प्रख्यात आध्यात्मिक मार्गदर्शिका पूजनीया रासेश्वरी देवी श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर गुरुवार को उदयपुर पहुंची। उनका सैंकडों भक्तों की ओर से एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया। उनके सान्निध्य में 4 सितंबर को शहर में जन्माष्टमी उत्सव का विशेष आयोजन किया जा रहा है।

कृष्ण जन्माष्टमी का विशेष कार्यक्रम जस्टा राजपुताना रिज़ॉर्ट, हिरण मगरी में सायं 6 बजे से प्रारंभ होगा और रात 12.30 बजे तक चलेगा। इस मौके पर सभी भक्तों का प्रवेश निःशुल्क रहेगा। इस अवसर पर भजन कंसर्ट, देवी जी द्वारा जन्माष्टमी एवं श्री कृष्ण के विषय में अनसुनी प्रसंग के विषय पर ज्ञान प्रकाश, तत्पश्चात संकीर्तन होगा और भक्तजन बाल गोपाल के प्राकट्य की प्रतीक्षा करते हुए उत्सव मनाएंगे।

जन्माष्टमी के महत्व पर उन्होंने कहा कि यह वैष्णवजनों के लिए वर्ष का सबसे पावन पर्व है, क्योंकि इस दिन हमारे इष्ट, हमारे प्राणाधार श्री कृष्ण इस धरा पर अवतरित हुए थे।

प्रत्येक वर्ष हम उनकी कथा और मधुर लीलाओं का श्रवण एवं कीर्तन करते हैं, जिसमें विशेष रस मिलता है, परंतु केवल इससे भक्ति दृढ़ नहीं होती, लीला के साथ सिद्धांत का ज्ञान भी अत्यंत आवश्यक है।

इसलिए इस महोत्सव में केवल संकीर्तन नहीं, बल्कि देवी जी श्री कृष्ण तत्त्व पर भी बोलेंगी। श्री कृष्ण कौन हैं, हमारा उनसे क्या संबंध है, वेद जिन्हें अजन्मा बताते हैं वे अवतार क्यों लेते हैं?

ऐसे अनेक प्रश्नों का समाधान वे इस अवसर पर देंगी। देवी जी ने उदयपुर के समस्त श्री कृष्ण अनुरागी जनों को इस कार्यक्रम में सादर आमंत्रित किया है।

उदयपुर आगमन पर देवी जी ने उन्हें पुनः उदयपुर बुलाने के लिए नगरवासियों का हृदय से धन्यवाद किया। इस वर्ष यह उनका दूसरा उदयपुर प्रवास है।

कुछ महीने पूर्व यहां श्रीमद्भागवत ज्ञान रहस्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ था, जिसके पश्चात भक्तों के आग्रह पर वे जन्माष्टमी के अवसर पर पधारी हैं।