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जीएमसीएच ने अंडरग्रेजुएट क्विज़ का 7वां संस्करण नेशनल लेवल पर आयोजित किया

उदयपुर। गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच), उदयपुर के डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिटी मेडिसिन द्वारा अंडरग्रेजुएट क्विज़ का 7वां संस्करण नेशनल लेवल पर आयोजित किया गया।

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जीएमसीएच ने अंडरग्रेजुएट क्विज़ का 7वां संस्करण नेशनल लेवल पर आयोजित किया

उदयपुर। गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच), उदयपुर के डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिटी मेडिसिन द्वारा अंडरग्रेजुएट क्विज़ का 7वां संस्करण नेशनल लेवल पर आयोजित किया गया। क्विज़ में झारखंड, दिल्ली, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित पांच राज्यों के 25 मेडिकल कॉलेजों की टीमों ने भाग लिया।

“टुगेदर फॉर हेल्थ, स्टैंड विद साइंस” थीम पर आयोजित इस क्विज़ का उद्देश्य अंडरग्रेजुएट मेडिकल स्टूडेंट्स में साइंटिफिक टेम्परामेंट, एकेडमिक एक्सीलेंस और हेल्दी कॉम्पिटिशन की भावना को बढ़ावा देना था। प्रतियोगिता को इसके उच्च एकेडमिक स्टैंडर्ड और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए सराहा गया।

कार्यक्रम में गीतांजलि यूनिवर्सिटी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अंकित अग्रवाल, वाइस चांसलर डॉ. आर.के. व्यास, रजिस्ट्रार डॉ. अरविंद कुमार यादव, जीएमसीएच की डीन डॉ. संगीता गुप्ता, मेडिकल सुप्रिटेंडेंट डॉ. हरप्रीत सिंह तथा एडिशनल प्रिंसिपल डॉ. मनजिंदर कौर उपस्थित रहे।

परिणामों की घोषणा डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिटी मेडिसिन के हेड डॉ. मुकुल दीक्षित ने करते हुए बताया की यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (यूसीएमएस), नई दिल्ली की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। गीत्नाजली मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच), उदयपुर दूसरे स्थान पर तथा सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज (एसएमएस), जयपुर तीसरे स्थान पर रहा।

क्विज़ का संचालन क्विजमास्टर डॉ. मेधा माथुर और डॉ. अंजना वर्मा ने किया, जबकि स्कोरकीपिंग एवं क्विज़ के सुचारु संचालन की जिम्मेदारी डॉ. हेमलता मित्तल और डॉ. ज्योति जैन ने संभाली।

आयोजन टीम में डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिटी मेडिसिन के डॉ. भागराज चौधरी, डॉ. डी.आर. बेनीवाल, डॉ. अमित कुमार, डॉ. सुरेश चौधरी, डॉ. अभिषेक कुमार तथा डॉ. अंशिका जैन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अंडरग्रेजुएट क्विज़ का नेशनल लेवल पर यह आयोजन जीएमसीएच की सात वर्ष पुरानी एकेडमिक पहल का महत्वपूर्ण माइलस्टोन रहा। सातवें वर्ष में इस पहल को नेशनल लेवल तक ले जाना चिकित्सा शिक्षा में एकेडमिक एक्सीलेंस, साइंटिफिक थिंकिंग और इनोवेटिव लर्निंग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहा।