उदयपुर, गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल (जीएमसीएच) द्वारा एमबीबीएस बैच 2026 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए 19वें ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन गीतांजलि यूनिवर्सिटी, उदयपुर के स्व. श्रीमती नर्मदा देवी सभागार में किया गया।
कार्यक्रम में गीतांजलि मेडिकल कॉलेज के नए विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गीतांजलि समूह के चेयरमैन श्री जे.पी. अग्रवाल रहे।
समारोह में श्री राजेन्द्र गोयल, सेवानिवृत्त आईजी, राजस्थान पुलिस; श्री अंकित अग्रवाल, कार्यकारी निदेशक, गीतांजलि समूह; डॉ. आर.के. व्यास, अध्यक्ष, गीतांजलि यूनिवर्सिटी; तथा डीन डॉ. संगीता गुप्ता सहित गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल और गीतांजलि यूनिवर्सिटी के अन्य पदाधिकारी एवं वरिष्ठ संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना एवं ईश्वर का आशीर्वाद लेकर किया गया।जीएमसीएच के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरप्रीत सिंह ने नए विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को अस्पताल, उसके इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा सुविधाओं से अवगत कराया।
इसके बाद जीएमसीएच की अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. मनजिंदर कौर ने पाठ्यक्रम, पाठ्येतर गतिविधियों एवं पाठ्यक्रम से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं।
डॉ. जितेन्द्र जींगर ने रैगिंग-रोधी जागरूकता पर सत्र लिया और किसी भी प्रकार की रैगिंग के प्रति संस्थान की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया।डीन डॉ. संगीता गुप्ता एवं डॉ. आर.के. व्यास ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया तथा विद्यार्थियों को चिकित्सा जैसे पुनीत व्यवसाय से जुड़ने पर बधाई दी।श्री अंकित अग्रवाल ने नए बैच को बधाई देते हुए संस्थान के प्रति अपना विज़न साझा किया।
उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि पढ़ाई के साथ-साथ वे कैम्पस में अपनापन महसूस करें, जिससे उनका बेहतर व्यक्तित्व निर्माण हो सके। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रबंधन विद्यार्थियों की सुविधाओं का सदैव ध्यान रखता है।
उन्होंने खेलकूद, सांस्कृतिक आयोजनों एवं अन्य कार्यक्रमों सहित कैम्पस में उपलब्ध सुविधाओं का उल्लेख किया, जो विद्यार्थियों को सुसंस्कृत एवं कुशल पेशेवर के रूप में विकसित करने में सहायक हैं।मुख्य अतिथि श्री जे.पी. अग्रवाल ने विद्यार्थियों को बधाई दी और अपनी व्यक्तिगत जीवन यात्रा साझा करते हुए उन्हें उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने तथा इस पुनीत व्यवसाय की सेवा हेतु आवश्यक ज्ञान एवं कौशल निरंतर अर्जित करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि सच्ची खुशी सोशल मीडिया रील्स स्क्रॉल करने से मिलने वाली तात्कालिक संतुष्टि में नहीं, बल्कि कड़ी मेहनत के बाद मिलने वाली सफलता में निहित है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे प्रतिदिन स्वयं पर कार्य करते हुए अपनी नींव मजबूत करें, क्योंकि हर दिन किया गया छोटा सा बदलाव आगे चलकर अद्भुत परिणाम देता है।उन्होंने संतुलित समय एवं तनाव प्रबंधन की वकालत की, जिसमें नियमित अध्ययन, शारीरिक एवं चिकित्सीय स्वास्थ्य का ध्यान, परिवार और मित्रों से जुड़े रहना तथा पाठ्येतर गतिविधियों में भागीदारी शामिल है।
उन्होंने विद्यार्थियों को औसत दर्जे से संतुष्ट न होने की सलाह देते हुए कहा कि वे अपनी मूल दक्षता (कोर कंपीटेंस) विकसित करें, स्वयं को रोज़गार योग्य बनाएं और श्रेष्ठ लोगों के शीर्ष 1% में अपनी पहचान बनाएं।
अपने संबोधन का समापन उन्होंने इस सीख के साथ किया कि विद्यार्थियों को पहले अच्छा इंसान बनना चाहिए, तभी वे अच्छे पेशेवर बन सकेंगे।व्हाइट कोट सेरेमनी के दौरान जीएमसीएच के वरिष्ठ प्राध्यापकों ने सभी नए विद्यार्थियों को श्वेत एप्रन पहनाकर उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया।कार्यक्रम का समापन डॉ. मनजिंदर कौर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. पारुल चतुर्वेदी ने किया।
