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गीतांजलि मेडिकल कॉलेज में ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक के तहत 'मिशन लाइफ' पर जल संरक्षण व्याख्यान आयोजित

उदयपुर। 3 नवंबर 2026 को गीतांजलि मेडिकल कॉलेज में डीन डॉ. संगीता गुप्ता के मार्गदर्शन एवं कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ.

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गीतांजलि मेडिकल कॉलेज में ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक के तहत 'मिशन लाइफ' पर जल संरक्षण व्याख्यान आयोजित
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उदयपुर। 3 नवंबर 2026 को गीतांजलि मेडिकल कॉलेज में डीन डॉ. संगीता गुप्ता के मार्गदर्शन एवं कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. मुकुल दीक्षित के निर्देशन में 'ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक' BSLW के अंतर्गत जल संरक्षण पर विशेष अतिथि व्याख्यान हुआ।

इस कार्यक्रम का सफल समन्वय डॉ. हेमलता मित्तल द्वारा किया गया और संचालन डॉ. अंशिका जैन ने किया। कार्यक्रम में गीतांजलि यूनिवर्सिटी के सभी संस्थानों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

जल मित्र डॉ. पी.सी. जैन ने मुख्य वक्ता के रूप में 'वॉटर फुटप्रिंट घटाएं, रिचार्ज बढ़ाएं' विषय पर बात करते हुए कहा कि पानी का निर्माण असंभव है, इसलिए भूजल रिचार्ज बढ़ाना और वॉटर फुटप्रिंट घटाना अनिवार्य है।

उन्होंने बताया कि एक कोट बनने में 3,000 लीटर 'अदृश्य जल' खर्च होता है, और अत्यधिक भूजल दोहन से ज़मीन धंस रही है तथा बेंगलुरु जैसे शहरों में गंभीर जल संकट पैदा हो चुका है।

'डाउन टू अर्थ' मैगजीन के हवाले से उन्होंने बताया कि 62% सीवेज बिना ट्रीटमेंट के नदियों में बह रहा है, और प्लास्टिक प्रदूषण गंभीर रूप ले चुका है।

डॉ. पी.सी. जैन ने 'अष्टांग हृदयम्' का हवाला देकर वर्षा जल को अमृत समान बताते हुए हर ट्यूबवेल के साथ रिचार्ज सिस्टम लगाने और फुटपाथों पर पक्की के बजाय जल-रीचार्ज वाली टाइल्स लगाने पर जोर दिया।

इस अवसर पर डॉ. ज्योति जैन, डॉ. भगराज चौधरी, डॉ. सुरेश चौधरी, डॉ. मनीष, डॉ. प्रभात, डॉ. मुदित, डॉ. पूर्णिमा, डॉ. प्रेरणा तथा डॉ. तनीषा कम्युनिटी मेडिसिन से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संस्थानों के छात्र-छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति के बीच छात्राओं ने फ्लोरोसिस पर लघु नाटिका तथा प्रथम वर्ष के एमबीबीएस विद्यार्थियों ने 'जल ही जीवन है' पर जल नृत्य प्रस्तुत कर जल बचाने का संदेश दिया।