उदयपुर। गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के ऑन्कोलॉजी विभाग की ओर से प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी स्तन कैंसर जागरूकता माह के अंतर्गत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में गीतांजली विश्वविद्यालय एवं गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के वरिष्ठ पदाधिकारियों, ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष सहित चिकित्सकों एवं विभाग की पूरी टीम ने सहभागिता निभाते हुए स्तन कैंसर की समय पर पहचान, नियमित जांच और उपचार के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों का गुलाबी परिधानों में शामिल होना रहा।
स्तन कैंसर जागरूकता के प्रतीक गुलाबी रंग के माध्यम से चिकित्सकों ने महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और स्तन कैंसर की रोकथाम एवं शीघ्र पहचान के लिए आवश्यक जांच करवाने का संदेश दिया।
इस पहल के जरिए यह संदेश भी दिया गया कि स्तन कैंसर को लेकर भय या संकोच के बजाय जागरूकता और समय पर चिकित्सकीय परामर्श आवश्यक है।इस दौरान चिकित्सकों ने बताया कि स्तन कैंसर की शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर सफल उपचार की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं।
स्तन में गांठ, आकार में बदलाव, त्वचा में असामान्य परिवर्तन अथवा निप्पल से स्राव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
उम्र एवं जोखिम के अनुसार नियमित स्क्रीनिंग, मैमोग्राफी तथा चिकित्सकीय जांच से रोग की समय रहते पहचान की जा सकती है।चिकित्सकों ने बताया कि चिकित्सा विज्ञान में हुई प्रगति के चलते स्तन कैंसर के उपचार के लिए सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी और अन्य आधुनिक उपचार पद्धतियां उपलब्ध हैं।
रोग की अवस्था के अनुसार उचित उपचार से मरीजों को बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।उल्लेखनीय है कि गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल का ऑन्कोलॉजी विभाग स्तन कैंसर के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष इस प्रकार की गतिविधियों का आयोजन करता आ रहा है।
इसी क्रम में इस वर्ष भी विभाग ने अपनी जागरूकता मुहिम को आगे बढ़ाते हुए महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति प्रेरित किया।कार्यक्रम के माध्यम से 'समय पर जांच, सही उपचार और जागरूकता ही स्तन कैंसर से बचाव एवं बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं' का संदेश दिया गया।
