मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग में डॉ. पी.सी. जैन का अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया।
व्याख्यान में उन्होंने जल के महत्व, विश्व एवं भारत के प्रमुख शहरों में भूजल स्तर में गिरावट तथा भूमि धंसाव (Land Subsidence) की गंभीर समस्या पर प्रकाश डाला।
उन्होंने विशेष रूप से राजस्थान के संदर्भ में भूजल के अत्यधिक दोहन एवं उसके दुष्परिणामों पर चर्चा की।
डॉ. जैन ने वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) की अवधारणा एवं उपयोगिता समझाते हुए बताया कि प्रत्येक व्यक्ति घर तथा सामुदायिक स्तर पर छोटे-छोटे प्रयासों से जल संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
स्वागत डॉक्टर रितेश पुरोहित एवं संचालन डॉ. नेहा राड़ ने किया।
