उदयपुर। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन संचालित पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, उदयपुर द्वारा हिन्दी पखवाड़े के अंतर्गत गुरुवार को केन्द्र के मुख्यालय बागोर की हवेली में ‘वर्तमान तकनीकी दौर में हिन्दी’ विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, उदयपुर के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी ने बताया कि हिन्दी पखवाड़ा के तहत गुरूवार को विचार गोष्ठी ‘ वर्तमान तकनीकी दौर में हिन्दी’ विषय पर आयोजित किया गया।
इस गोष्ठी के मुख्य वक्ता डॉ. कुंजन आचार्य, विभागाध्यक्ष, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर थे।डॉ. कुंजन आचार्य ने कहा कि वर्तमान तकनीकी दौर में हिन्दी ने अपना अलग मुकाम बनाया है।
आज तकनीक के माध्यम से आम व्यक्ति अपनी मातृभाषा में प्रश्न पूछकर सहजता से उसका उत्तर प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के दौर में प्रत्येक व्यक्ति अपनी भावनाओं और विचारों को अपनी भाषा में अभिव्यक्त कर पा रहा है, जिससे हिन्दी के प्रचार-प्रसार को व्यापक गति मिली है।उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों, सोशल मीडिया, इंटरनेट और नई तकनीकों में हिन्दी के बढ़ते उपयोग ने हिन्दी को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
तकनीकी विकास के साथ हिन्दी का स्वरूप भी निरंतर विस्तार पा रहा है और नई पीढ़ी के बीच हिन्दी की उपयोगिता एवं स्वीकार्यता बढ़ रही है।
गोष्ठी में केन्द्र के अधिकारी-कर्मचारियों ने हिन्दी के तकनीकी उपयोग, बदलते भाषायी परिवेश तथा डिजिटल माध्यमों में हिन्दी की संभावनाओं पर विचार व्यक्त किए।इस अवसर पर केन्द्र के उपनिदेशक (कार्यक्रम) पवन अमरावत, सहायक निदेशक (वित्त एवं लेखा) दुर्गेश चांदवानी, अधीक्षण अभियंता सी.एल. सालवी, कार्यक्रम अधिशाषी हेमंत मेहता, राकेश मेहता, प्रभुलाल गायरी आदि उपस्थित थे।
