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संस्कृत श्लोक पाठ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत संस्कृत भारती एवं महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में अंतर्विद्यालयी प्रतियोगिता

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संस्कृत श्लोक पाठ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

उदयपुर |  संस्कृत सप्ताह के अवसर पर संस्कृत भारती, उदयपुर एवं महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल, सिटी पैलेस, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में अंतर्विद्यालयी संस्कृत श्लोक पाठ प्रतियोगिता का आयोजन विद्यालय परिसर में उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा के प्रति रुचि एवं सम्मान विकसित करने के साथ भारतीय संस्कृति, ज्ञान-परंपरा एवं संस्कृत साहित्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

कार्यक्रम में सम्भागीय संस्कृत शिक्षा अधिकारी, उदयपुर डॉ. भगवती शंकर व्यास एवं महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल की प्रधानाध्यापिका डॉ. राखी त्रिवेदी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर संस्कृत भारती के प्रांत संपर्क प्रमुख डॉ. यज्ञ आमेटा, विभाग संयोजक दुष्यंत नागदा, महामंत्री नरेंद्र शर्मा सहित संस्कृत भारती एवं विद्यालय परिवार के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक परंपरा के अनुरूप वेद पाठ, माँ सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। अतिथियों ने माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। संस्कृत विभागाध्यक्ष  हेमंत कुमार जैन ने अतिथियों का उपरणा एवं प्रतीक चिह्न भेंट कर स्वागत किया।

प्रतियोगिता कनिष्ठ एवं वरिष्ठदो वर्गों में आयोजित की गई, जिसमें उदयपुर के लगभग 30 विद्यालयों के 110 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने श्रीमद्भगवद्गीता तथा संस्कृत के प्राचीन ग्रंथों से चयनित श्लोकों का सस्वर, शुद्ध उच्चारण एवं भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण किया। उनकी प्रस्तुतियों में संस्कृत भाषा की मधुरता, स्वर-लय, भावाभिव्यक्ति तथा भारतीय ज्ञान-परंपरा के प्रति अनुराग स्पष्ट दिखाई दिया।

इस अवसर पर डॉ. यज्ञ आमेटा ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए संस्कृत के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा या विषय नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध ज्ञान, संस्कृति एवं जीवन-दर्शन की अमूल्य विरासत है। उन्होंने विद्यार्थियों से संस्कृत को अपने अध्ययन एवं जीवन से जोड़ने का आह्वान किया।

प्रतियोगिता का मूल्यांकन निर्णायक संयोजक एवं लिपि विशेषज्ञ डॉ. योगेश पालीवाल तथा सहायक आचार्य, डॉ. मुरलीधर पालीवाल ने प्रतिभागियों के श्लोक-पाठ, उच्चारण, स्वर, लय, भाव एवं प्रस्तुति के विभिन्न पक्षों का मूल्यांकन किया।

महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल के मानद निदेशक सतीश कुमार शर्मा के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन से आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में  हेमंत कुमार जैन ने अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागी विद्यालयों, विद्यार्थियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। संचालन विद्यालय की छात्राओं आरोही व्यास एवं इशिका मिश्रा ने किया।

समूचा आयोजन संस्कृत भाषा की गरिमा, भारतीय संस्कृति एवं ज्ञान-परंपरा के प्रति नई पीढ़ी में गौरव और जागरूकता का भाव सुदृढ़ करने वाला प्रेरणादायी अवसर रहा।