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Education News

विद्या भवन में 1 से 3 नवंबर तक तीन दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन ‘सीड-2’ का आयोजन

बदलती दुनिया में कैसी हो भविष्य की शिक्षा? पर्यावरण, तकनीक, रोजगार और मानवीय मूल्यों पर होगा मंथन

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उदयपुर, शिक्षा केवल किताबी ज्ञान अर्जित करने या परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित ना रह कर बदलते हुए परिस्तृतिक तंत्र में विधार्थियो को स्कूल द्वारा किस तरह से तैयार किया जाये इस पर मंथन होगा इस के साथ ही जीवन कौशल विकसित करने, नए अवसरों का लाभ उठाने, समग्र व्यक्तित्व विकास और बेहतर समाज के निर्माण की आवश्यकताओं पर भी मंथन होगा | इस हेतु विद्या भवन सोसायटी, उदयपुर द्वारा 1 से 3 नवंबर 2026 तक तीन दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन ‘सीड-2’ फॉर सस्टेनिंग फ्यूचर्स का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन की रूपरेखा हर्थ एडवाइजर्स द्वारा तैयार की गई है।

इस आयोजन में शिक्षाविद्, विद्यालय प्रमुख, नीति निर्माता और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्रित होकर विचार-विमर्श करेंगे कि तेजी से बदलती दुनिया में बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए कैसे तैयार किया जाए।

तीन दिनों तक विचार, अनुभव और समाधान 1 नवंबर : उद्घाटन समारोह ‘सीड-2’ का उद्घाटन समारोह 1 नवंबर को शाम 4 बजे विद्या भवन सभागार में आयोजित होगा।

समारोह के मुख्य अतिथि सुधांश पंत, सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, भारत सरकार होंगे।

विशिष्ट अतिथियों में भवानी सिंह देथा, प्रमुख शासन सचिव, परिवहन विभाग एवं अध्यक्ष, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम; गौरव अग्रवाल, जिला कलेक्टर, उदयपुर तथा इंदर पाल सिंह मथारू, भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत थर्मल पावर एवं कोयला खनन क्षेत्र की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति के अध्यक्ष शामिल होंगे।

उद्घाटन समारोह के मुख्य वक्ता संजय कुमार, सेवानिवृत्त आईएएस एवं भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के पूर्व सचिव होंगे।

वे अपने व्याख्यान में शिक्षा के बदलते स्वरूप एवं भविष्य की चुनौतियों पर विचार प्रस्तुत करेंगे। डॉ. जे. के. तायलिया, अध्यक्ष, विद्या भवन सोसायटी स्वागत उद्बोधन देंगे तथा शशांक वीरा सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे।

अतिथियों के संबोधन के पश्चात राजेंद्र भट्ट, आईएएस (सेवानिवृत्त) एवं सीईओ, विद्या भवन सोसायटी समापन उद्बोधन देंगे।

2 नवंबर : प्रकृति, कृषि और तकनीक पर संवाद दूसरे दिन प्रकृति साधना केंद्र में जल, भूमि, पर्यावरण एवं प्रकृति से सीखने के विभिन्न पहलुओं पर संवाद होगा। वहीं, विद्या भवन कृषि विज्ञान केंद्र में टिकाऊ खेती, खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका और व्यावहारिक शिक्षा पर विशेषज्ञों द्वारा चर्चा एवं प्रदर्शन किए जाएंगे।

दोपहर बाद सम्मेलन स्थल पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवीन शिक्षण पद्धतियों, परीक्षा प्रणाली, तकनीकी बदलाव और भविष्य में रोजगार के अवसरों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श होगा।

3 नवंबर : विचारों से कार्ययोजना तक सम्मेलन के अंतिम दिन प्रतिभागी समूह अपने अनुभवों एवं चर्चाओं के निष्कर्षों को व्यावहारिक सुझावों और ठोस कार्ययोजनाओं के रूप में प्रस्तुत करेंगे, ताकि सम्मेलन में सामने आए विचारों को विद्यालयों की वास्तविक शैक्षिक गतिविधियों का हिस्सा बनाया जा सके। सामूहिक चर्चा एवं प्रमाणपत्र वितरण के साथ सम्मेलन का समापन होगा।