उदयपुर, उदयपुर नगर निगम चुनाव-2026 को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने अपनी चुनावी सक्रियता तेज कर दी है। कांग्रेस जहां शहर की स्थानीय समस्याओं और नागरिकों की अपेक्षाओं को आधार बनाकर घोषणा-पत्र तैयार करने में जुटी है, वहीं भाजपा ने संगठनात्मक स्तर पर विभिन्न प्रकोष्ठों और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करते हुए सरकार के विकास कार्यों और पार्टी की विचारधारा को जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर जोर दिया है।
कांग्रेस तैयार कर रही शहर के विकास का रोडमैप
उदयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ और उदयपुर देहात जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने प्रो. पीआर व्यास के नेतृत्व में स्थानीय घोषणा-पत्र समिति का गठन किया है। समिति में डॉ. दरियाव सिंह चुंडावत, महेश शर्मा और कांग्रेस विचार विभाग के सदस्य शामिल हैं।
समिति अगले एक-दो दिनों में शहर के प्रमुख मुद्दों, आमजन की समस्याओं, विभिन्न वर्गों की अपेक्षाओं और भविष्य की जरूरतों को शामिल करते हुए संकल्प-पत्र तैयार करेगी। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह घोषणा-पत्र केवल चुनावी वादों का दस्तावेज नहीं बल्कि उदयपुर के सुनियोजित और दीर्घकालीन विकास का रोडमैप होगा।
घोषणा-पत्र में सड़क, सफाई, पेयजल, सीवरेज, यातायात, पार्किंग, स्ट्रीट लाइट, आवारा पशु, उद्यान विकास, झील एवं पर्यावरण संरक्षण तथा बेहतर नगरीय सुविधाओं जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रत्येक वार्ड की मूलभूत समस्याओं को भी इसमें शामिल करने की तैयारी है।
कांग्रेस शहर महामंत्री दिनेश दवे ने कहा कि पार्टी ऐसा उदयपुर बनाने की दिशा में काम करना चाहती है, जहां विकास केवल घोषणाओं तक सीमित न रहे, बल्कि उसका असर आम नागरिक के जीवन में दिखाई दे।
भाजपा ने 200 अधिवक्ताओं को चुनावी जिम्मेदारी के लिए किया सक्रिय
दूसरी ओर, भाजपा विधि प्रकोष्ठ की बैठक पटेल सर्कल स्थित पार्टी कार्यालय में हुई, जिसमें करीब 200 अधिवक्ताओं ने भाग लिया। निकाय चुनाव के उदयपुर संभाग प्रभारी एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ ने अधिवक्ताओं से चुनावी तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने पार्टी की विचारधारा और राज्य सरकार के विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से जनता के बीच पहुंचाने पर जोर दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि निकाय चुनाव में विधि प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी और अधिवक्ता संगठन तथा समाज के बीच प्रभावी सेतु का काम कर सकते हैं।
बैठक में विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश सहसंयोजक महेंद्र नागदा, देहात जिला संयोजक गोपाल पालीवाल, बार एसोसिएशन अध्यक्ष जितेंद्र जैन, वरिष्ठ अधिवक्ता खूबी लाल सिंघवी, निकाय चुनाव उदयपुर संयोजक रजनी डांगी, नगर निगम विधि प्रकोष्ठ संयोजक विजय ओस्तवाल सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नगर निगम चुनाव को लेकर दोनों प्रमुख दलों की बढ़ती सक्रियता से साफ है कि आने वाले दिनों में उदयपुर में स्थानीय मुद्दों, विकास कार्यों और मतदाताओं की अपेक्षाओं को लेकर चुनावी मुकाबला और तेज होने वाला है।
