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Udaipur News

उदयपुर में खरतर गच्छ संघ का गठन, राज लोढ़ा को सौंपी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी

आचार्य जिनमणि प्रभ सुरीश्वरजी की प्रेरणा से समाज ने लिया संगठन विस्तार का संकल्प, सर्वसम्मति से पारित हुआ संघ का विधान

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उदयपुर में खरतर गच्छ संघ का गठन, राज लोढ़ा को सौंपी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी

उदयपुर। जैन श्वेताम्बर समाज की धार्मिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों को नई दिशा देने की दृष्टि से उदयपुर में जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ का गठन किया गया।

परम पूज्य खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणि प्रभ सुरीश्वरजी महाराज साहब की प्रेरणा तथा विदुषी साध्वी बहिन परम पूज्य डॉ. विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 के वर्षावास के दौरान यह महत्वपूर्ण पहल की गई।

वासुपूज्य महाराज मंदिर दादावाड़ी परिसर में चल रहे वर्षावास के अंतर्गत आचार्यश्री एवं साध्वीश्री की इच्छानुसार चारों दादा गुरुदेव की महती कृपा से संघ गठन का निर्णय लिया गया।संघ के गठन को लेकर आयोजित सभा में विधान पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

इस दौरान कार्यकारिणी के गठन का प्रस्ताव रखा गया। उपस्थित धर्मानुरागियों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।

चर्चा के बाद सभी सदस्यों ने एकमत होकर संघ का विधान पारित कर स्वीकार किया।नई कार्यकारिणी में इन्हें मिली जिम्मेदारी-संघ की नवगठित कार्यकारिणी में गजेन्द्र भंसाली को संरक्षक, राज लोढ़ा को अध्यक्ष, दलपत दोशी एवं विकास सुराणा को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, सुभाष महात्मा को उपाध्यक्ष, गौरव कोठारी को मंत्री, आज़ाद नाहर को कोषाध्यक्ष, कपिल लोढ़ा को सह कोषाध्यक्ष तथा माया सिरोया को सह सचिव घोषित किया गया।

कार्यकारिणी सदस्यों के रूप में अशोक नागौरी, हेमलता नाहर, ऋतु पारिख, वंदना गन्ना एवं मनीष दोशी को शामिल किया गया।धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों को मिलेगा विस्तार-नवगठित संघ का उद्देश्य समाज को संगठित करना, धार्मिक परंपराओं का संरक्षण करना तथा सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों को गति देना है।

गुरुवर्या श्रीजी की निश्रा एवं मार्गदर्शन में संघ को आगे और विस्तृत स्वरूप प्रदान किया जाएगा।सभा में उपस्थित सदस्यों ने संघ गठन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे समाज की एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

सभी ने मिलकर संघ की गतिविधियों को आगे बढ़ाने तथा खरतर गच्छ की गौरवशाली परंपराओं को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया।