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पारस हेल्थ की ओर से ‘नी-ओ-थॉन’ 3.0 वॉक का भव्य आयोजनःघुटनों की सर्जरी करा चुके मरीजों सहित 500 लोगों ने कदमों से दिया स्वस्थ जीवन का संदेश

उदयपुर। जोड़ों के स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता फैलाने और सर्जरी के बाद सक्रिय जीवनशैली के महत्व को रेखांकित करने के उद्देश्य से पारस हेल्थ की ओर से शहर के रानी रोड पर पारस हेल्थ हॉस्पिटल की ओर से महाराणा प्रताप वरिष्ठ न

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पारस हेल्थ की ओर से ‘नी-ओ-थॉन’ 3.0 वॉक का भव्य आयोजनःघुटनों की सर्जरी करा चुके मरीजों सहित 500 लोगों ने कदमों से दिया स्वस्थ जीवन का संदेश

उदयपुर। जोड़ों के स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता फैलाने और सर्जरी के बाद सक्रिय जीवनशैली के महत्व को रेखांकित करने के उद्देश्य से पारस हेल्थ की ओर से शहर के रानी रोड पर पारस हेल्थ हॉस्पिटल की ओर से महाराणा प्रताप वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति तथा पेंशनर समाज के सहयोग से तीसरी ‘नी-ओ-थॉन’ (ज्ञदमम-व-जीवद) 3.0 वॉक का भव्य आयोजन किया गया।वरिष्ठ जोड़ रोग एवं प्रत्यारोपण तथा रोबोटिक घुटना रेप्लसमेंट सर्जन डॉ. आशीष सिंघल ने बताया की इस अनूठी वॉक में शहर भर से आए लगभग 500 प्रतिभागियों ने बड़े उत्साह और उमंग के साथ हिस्सा लेकर स्वस्थ जीवन का संकल्प दोहराया।40 से 90 वर्ष तक के महिला-पुरुषों ने दिखाया जबरदस्त उत्साह-कार्यक्रम की सबसे प्रेरणादायक बात प्रतिभागियों की उम्र और उनका जज्बा रही।

इस वॉक में 40 वर्ष से लेकर 90 वर्ष तक के बुजुर्ग महिला एवं पुरुषों ने कदम से कदम मिलाकर भाग लिया।

सुबह के समय रानी रोड के शांत व मनोरम वातावरण में वरिष्ठ नागरिकों की ऊर्जा और सकारात्मकता देखते ही बन रही थी।सर्जरी के बाद भी संभव है दर्द-मुक्त और सक्रिय जीवन-आयोजन में शामिल ’प्रतिभागियों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी, जो पूर्व में घुटनों की गंभीर समस्याओं से जूझ चुके थे और नी-रिप्लेसमेंट या घुटनों की सर्जरी करा चुके हैं।

कभी चलने-फिरने में असमर्थ रहे ये मरीज आज पूरे आत्मविश्वास और मुस्कान के साथ वॉक पूरी करते नजर आए।

उन्होंने अपनी फिटनेस और ऊर्जा से यह साबित कर दिखाया कि’ आधुनिक चिकित्सा तकनीक, कुशल उपचार और सही देखभाल के बाद व्यक्ति पूरी तरह सामान्य और सक्रिय जीवन जी सकता है.इस अवसर पर वरिष्ठ जोड़ रोग एवं प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. आशीष सिंघल ने उपस्थित जनसमूह को जोड़ों की देखभाल और जीवनशैली में सुधार के संबंध में महत्वपूर्ण परामर्श दिया।

उन्होंने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ घुटनों के दर्द को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

आधुनिक तकनीकों की मदद से नी-सर्जरी अब बेहद सुरक्षित और प्रभावी हो चुकी है, जिससे मरीज बिना दर्द के अपनी सामान्य दिनचर्या में वापस लौट सकते हैं।विभिन्न संस्थाओं का रहा सराहनीय सहयोग-इस आयोजन को सफल बनाने में महाराणा प्रताप वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति तथा पेंशनर समाज का विशेष और उल्लेखनीय सहयोग रहा।

दोनों समितियों के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।वॉक के समापन पर सभी प्रतिभागियों के हौसले की सराहना की गई और उन्हें स्वस्थ व गतिशील जीवनशैली बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

इस अवसर पर महाराणा प्रताप वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति के संस्थापक भंवर सेठ, कुमावत समाज के हरिशंकर कुमावत सहित सैकड़ो लोग मौजूद थे।