उदयपुर। शहर में महिलाओं और आम नागरिकों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित शौचालयों की व्यवस्था को लेकर मेवाड़ बचाओ मंच की ओर से चलाए जा रहे अभियान को अब महत्वपूर्ण सफलता मिलने लगी है।
मंच के लगातार प्रयासों और विभिन्न विभागों के साथ फॉलोअप के बाद शहर के कई प्रमुख स्थानों पर शौचालय संबंधी समस्याओं के समाधान की दिशा में त्वरित कार्रवाई की गई है।
मंच संस्थापक अभिषेक पांडेय के नेतृत्व में मंच के प्रतिनिधिमंडल ने शहर के विभिन्न विभागों में पहुंचकर स्वच्छ टॉयलेट के मुद्दे पर अधिकारियों से चर्चा की, प्रतिनिधिमंडल में निधि गुप्ता, शिखा दोषी, विनती दोषी और नीरज सनाढ़्य शामिल रहे।
मंच ने प्रताप गौरव केन्द्र स्थित पंजीयन कार्यालय में कॉमन शौचालय, गुलाबाग स्थित शौचालय में लीकेज समस्या, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के शौचालय, पर्यटन स्थलों के विभिन्न शौचालयों की दुर्दषा का मुद्दा उठाया था।
मंच संस्थापक अभिषेक पांडेय ने बताया कि मंच की ओर से उठाए गए मुद्दे के बाद प्रताप गौरव केंद्र स्थित पंजीयन कार्यालय में महिला शौचालय की व्यवस्था अलग से शुरू कर दी गई है।
यहां पहले कॉमन टॉयलेट की व्यवस्था को लेकर मेवाड़ बचाओ मंच ने आपत्ति जताई थी और महिलाओं के लिए अलग एवं सुरक्षित शौचालय की मांग रखी थी। मंच के अनुसार प्रशासनिक अधिकारी प्रदीप यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कदम उठाया।
मंच ने इसे महिलाओं के सम्मान और गरिमा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए प्रशासन का आभार जताया।
इसी क्रम में गुलाब बाग स्थित शौचालय में लीकेज की समस्या का भी समाधान किया गया है। नगर निगम की ओर से समस्या पर त्वरित कार्रवाई करते हुए लीकेज को ठीक कराया गया। नगर निगम उदयपुर के उपायुक्त हरीश सिंह देवल तथा स्वास्थ्य अधिकारी सत्यनारायण शर्मा से मंच के प्रतिनिधिमंडल ने स्वच्छता व्यवस्था को लेकर चर्चा की। अधिकारियों की ओर से शौचालयों की नियमित निगरानी को मजबूत करने की दिशा में भी पहल की गई है।
स्वास्थ्य अधिकारी सत्यनारायण शर्मा के स्तर पर एक ’’वॉलंटियरिंग कमिटी के गठन’’ की पहल की गई है। इसके तहत शहर के 68 सुलभ शौचालयों की दिन में तीन बार होने वाली मॉनिटरिंग को ट्रैक करने में मेवाड़ बचाओ मंच के वॉलंटियर सहयोग कर सकेंगे।
मंच का मानना है कि निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से शौचालयों की सफाई, पानी, लीकेज और अन्य मूलभूत समस्याओं पर समय रहते कार्रवाई संभव होगी। मंच ने उम्मीद जताई कि इस व्यवस्था के आने वाले समय में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के बस स्टैंड स्थित शौचालयों की समस्याओं को लेकर भी मंच ने अधिकारियों से मुलाकात की। रोडवेज के मुख्य प्रबंधक हेमंत कुमार शर्मा ने शौचालय संबंधी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इस मुद्दे पर अगली फॉलोअप बैठक 6 अक्टूबर को प्रस्तावित है, जिसमें शौचालयों का स्तर सुधारने का आष्वासन दिया गया।
मेवाड़ बचाओ मंच का कहना है कि अभियान का उद्देश्य किसी विभाग पर केवल दबाव बनाना नहीं, बल्कि शहर की सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन और नागरिकों के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करना है।
मंच द्वारा विभिन्न शौचालयों की वास्तविक स्थिति सामने लाकर संबंधित विभागों तक समस्याएं पहुंचाई जा रही हैं। अभिषेक पाण्डेय का कहना है कि यदि नागरिक संगठन, प्रशासन और आमजन मिलकर लगातार निगरानी रखें तो सार्वजनिक सुविधाओं में स्थायी सुधार लाया जा सकता है।
