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Banswara News

शाला संबलन, टिकिट निस्तारण की अंधी दौड़

रात्रि विश्राम,जनसंपर्क ओर विकास कोसों दूर दो आंखें ओर बारह हाथ

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बांसवाड़ा। राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम ने राजस्थान सरकार को जनजाति टीएसपी परिक्षेत्र के धरातलीय विषम परिस्थितियों का जिक्र करते हुए शिक्षा विभाग में बढ़ते गैर शैक्षणिक कार्यों को अत्यधिक महत्व दिए जाने पर चिन्ता जताई है।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष नवीन कुमार शर्मा ने बताया कि एक ओर धरातलीय विषम परिस्थितियों में दुर्गम परिक्षेत्र में लाईट ,इंटरनेट की उपलब्धता सर्वविदित हैं जबकि अधिकारी मूल शैक्षणिक कार्यों की जगह ऑनलाईन प्रविष्टियां येन केन प्रकेरेण इंद्राज कराने पर आमादा है ।

*प्राथमिक विद्यालय में न लाईट इंटरनेट या लैपटॉप प्रिंटर उपलब्ध नहीं,खुद के फोन से डाटा खर्च कर कार्य कर रहे,भुगतान भी नहीं होता* शाला संबलन टिकिट निस्तारण के नाम पर के आर पी, एडीईओ , डीईओ मुख्यालय माध्यमिक , प्राथमिक के अलावा मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, डाइट समसा कार्यालय के सन्दर्भ व्यक्तियों को गिने तो हुकुम चलाने वाले शिक्षा अधिकारियों की विशाल फौज आए दिन सुर्ख़ियों बनती है जिसमें शिक्षकों कर्मचारियों को संबलन मार्गदर्शन के नाम पर फटकारना आम बात है किन्तु स्कूलों में शिक्षकों का अभाव है।

जिले में अधिकतर प्राथमिक विद्यालय खस्ता हालात है प्राथमिक विद्यालय में न लाईट इंटरनेट या लैपटॉप प्रिंटर उपलब्ध नहीं,खुद के फोन से डाटा खर्च कर कार्य कर रहे,भुगतान भी नहीं होता बालिकाओं के मूत्रालय शौचालय,दिव्यांग बालकों -कार्मिकों के रैम्प, चार दिवारी बिजली पानी सहित सुरक्षित कक्षा कक्ष, किचन शेड तो कागजों में बन्द है।

अधिकारी आते है सबसे पहले एम डी एम ओर शौचालय निरीक्षण संबलन मार्गदर्शन के नाम पर तुगलगी आदेशों का लम्बा चौड़ा बखान कर देते है किन्तु बज़ट आवंटन करने पर जन सहयोग से कार्य पूर्ण करने का हवाला दिया जा कर पल्ला झाड़ते नज़र आते है। ख़ुद के कार्य को दिखाने ओर टी ए - डि ए छापने हेतु ऑनलाईन प्रविष्टियां की अंधी दौड़ चल रही हैं।

*न नो मण तेल होगा न राधा नाचेगी* शाला संबलन की रिपोर्ट के हवाले से देखे तो माह में पांच से अधिक शिक्षा अधिकारीयो द्वारा नवाचार के नाम पर एक ही विद्यालय को कई टिकिट दिए गए हैं किन्तु विभाग द्वारा निस्तारण नहीं किया गया हैं।

हाल ही में विद्यालय सौंदर्यकरण दीपोत्सव के 21 अक्टुबर के आदेश के अनुसार राजकीय विद्यालय में लाइटिंग, रंग रोगन जन सहयोग से करने पर बल दिया गया हैं जबकि जनजाति टीएसपी परिक्षेत्र में भामाशाह उपलब्ध होना भी टेढ़ी खीर है। अर्थात कागज़ों में दौड़ रहा है शिक्षा विभाग ,हालत जटिल और परिस्थितियां विषम है।

*हाजरी का खेल निराला* सरकारी स्कूलों में शिक्षक एप्प से प्रार्थना सभा में हाज़िरी के बाद शाला दर्पण पोर्टल पर प्रतिदिन उपस्थिति इंद्राज,कक्षा वार उपस्थिति पंजिका में , कालांश वार छोटी डायरी में एमडीएम रजिस्टर में, राजसिंम्स पोर्टल के बाद कक्षाध्यापक , विषयाध्यापक दिन में चार से पांच बार ऑफ लाईन, ऑनलाईन प्रविष्टियां पूर्ण करते है।

विभिन्न 23 से ज्यादा एप्प ओर विभिन्न पोर्टल पर छात्र कल्याणकारी योजनाओं, टीसी, यू डाइस,shvr, विकसित भारत अभियान नशामुक्ति वृक्षारोपण कार्यक्रम, आधार जनाधार ऑथेंटिकेशन बैंक खातों से लिंक लाडो योजना पालनहार,गार्गी योजना, ट्रान्सफर बाउचर ,छात्रवृत्तियां प्रोत्साहन राशिया,आपकी बेटी योजना, निःशुल्क सुविधाओं ,पाठ्य पुस्तके,निःशुल्क साईकिल लैपटॉप, सहित विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों के फोटो वीडियो अपलोड करने,बोर्ड आवेदन पत्र भरवाने , एसएस ओ आई डी,स्टॉफ कॉर्नर,आईएफ एमएस, एस एन ए, यू डाइस प्लस, एस एन ए स्पर्श 3.0, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रविष्टियां,निःशुल्क सुविधाओं को हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी, प्रॉसिंडीग ,रिकार्ड अद्यतन करना होता हैं।

इसके बाद कक्षा ध्यापन, विद्यालय साज़ सज्जा, वृक्षारोपण , गृह कार्य जांच ,वार्षिक योजना, काठील्य निवारण , एम डी एम रिकॉर्ड अद्यतन किया जा सकता हैं अर्थात पहले ऑनलाईन प्रविष्टियां,फिर ऑफ लाईन कार्य के बाद यदि समय बचे तो एस एम सी, एसडीएमसी,पीटीए बैठक छात्र संसद के ऑनलाइन कार्यों को पूरा किया जाता हैं।

गैर शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों की गुरुजी को वन विभाग का वृक्षारोपण अभियान, चिकित्सा विभाग की विभिन्न जांचे, पशुपालन विभाग के जंतुओं की गणना, चुनाव आयोग की विभिन्न एस आई आर, सर्वे, जन संपर्क विभाग के योजनाओं का प्रचार प्रसार हेतु विभिन्न रैली कार्यक्रम गैर शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों की भागीदारी अर्थात दो आंखें ओर बारह हाथ की कहावत को चरितार्थ कर रहे है ।