जैसलमेर । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली व राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों की पालना में जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जैसलमेर ओमी पुरोहित व सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ललित पुरोहित के मार्गदर्शन में अधिकार मित्र जगदीश कुमार द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्र नं. 11 गफूर भटटा में महिलाओं एवं बालकों के विधिक अधिकारों के विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर बालकों को विधिक अधिकारों के बारे में जानकारी देते हुए निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा के अधिकार तथा समाज में फैल रही कुरितियों के बारे में विस्तार से बताया गया।
नई पीढ़ी को नशे से बचाने तथा साईबर फ्रॉड, आनलाईन गेम से सावधान करने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया गया।
दहेज प्रतिषेध अधिनियम के बारे में बताते हुए बाल विवाह, मृत्यु भोज जैसी प्रथाओं का बहिष्कार करने तथा पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक का कम से कम प्रयोग तथा संविधान मंे वर्णित कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा दी गई।
पर्यावरण संरक्षण के लिएप्लास्टिक हटाओ व कम से कम प्रयोग करें, सिंगल यूज प्लास्टिक को ना कहें के लिए समाज में जागृति लाने की आवश्यकता जताई।
शिविर में अधिकार मित्र द्वारा बालकों के विधिक अधिकार, शिक्षा का अधिकार, बाल श्रम निषेध कानून, बाल विवाह निषेध एवं दहेज प्रतिषेध, मृत्युभोज निषेध के साथ-साथ राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
अधिकार मित्र द्वारा बताया गया संविधान के अनुच्छे 39(ए) के तहत निशुल्क कानूनी सहायता विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाती है। जिसका मूल उद्देश्य किसी भी नागरिक को आर्थिक या सामाजिक स्थिति के कारण न्याय पाने से वंचित न रहना पड़े।
समाज के वंचित कमजोर वर्गों के लिए उपलब्ध संवैधानिक अधिकारों के बारे में सरल भाषा में समझाया गया। अधिकार मित्र द्वारा अहिंसा का मार्ग अपनाने, अपने मौलिक अधिकारों के साथ कर्तव्यों का पालन करने और कानून के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थितों को अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने का आग्रह किया गया। साथ ही बताया गया कि ग्लोबल वार्मिंग एवं बदले जलवायु परिवर्तन के लिए पर्यावरण संरक्षण आज के दौर में बहुत महत्वपूर्ण हो गया।
बढ़ते हुए प्रदूषण को रोकने में वनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। अधिकार मित्र द्वारा प्लास्टिक का उपयोग करने से बचने से कहा गया और बताया कि प्लास्टिक हमारे पर्यावरण के लिए सबसे हानिकारक है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों का मध्यस्थता, लोक अदालत, स्थाई लोक अदालत, निशुल्क विधिक सहायता तथा पर्यावरण व जीव संरक्षण से जुड़ी विधिक योजनाओं की जानकारी दी गई।
दहेज प्रथा निषेध अधिनियम तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियमों की विस्तार से व्याख्या कर मृत्युभोज तथा दहेज प्रथा से बचने का तथा बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए ड्रॉप आउट बालिकाओं को पुनः शिक्षा से जोड़ने का आह्वान किया।
