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कहानी मौत का मज़हब की प्रस्तुति आज

मुख्य बिंदु
  • दि परफोरमर्स कल्चरल सोसायटी, उदयपुर एवं भारतीय लोक कला मण्डल, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में देश के प्रसिद्ध कहानीकार , उदयपुर के लाडले कथाकार स्वर्गीय डॉ.
  • आलम शाह खॉन कि कहानी ‘‘ मौत का मज़हब’’ की प्रस्तुति आज दिनांक 26 मई 2023 को शाम 8 बजे भारतीय लोक कला मण्डल के मेला ग्राउण्ड में देश के युवा अभिनेता एवं नाटक निर्देशक कविराज लईक के निर्देशन में की जाएगी।
  • भारतीय लोक कला मण्डल के निदेशक डॉ.
  • लईक हुसैन ने बताया कि चार दशक पूर्व भोपाल में हुई गैस ट्रेजेडी में हज़ारों लोग असमय स्वर्गवासी हुए थे तथा उस समय जो अफरा तफरी मची थी उसके कारण ना केवल भोपाल शहर के आसपास के इलाकों में शमशान में अन्तिम संस्कार की जगह मिली थी ना ही कब्रिस्तान में दफनाने की ।
  • हमारे देश में इस प्रकार के दृश्य कोरोना के द्वितीय चरण में देखने को मिले थे।
  • उन्ही दृश्यों को भारतीय लोक कला मण्डल के मेला ग्राउण्ड में शमशान एवं कब्रिस्तान बनाकर मानवीय ट्रेजेडी को प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा ।
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कहानी मौत का मज़हब की प्रस्तुति आज

उदयपुर। दि परफोरमर्स कल्चरल सोसायटी, उदयपुर एवं भारतीय लोक कला मण्डल, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में देश के प्रसिद्ध कहानीकार , उदयपुर के लाडले कथाकार स्वर्गीय डॉ. आलम शाह खॉन कि कहानी ‘‘ मौत का मज़हब’’ की प्रस्तुति आज दिनांक 26 मई 2023 को शाम 8 बजे भारतीय लोक कला मण्डल के मेला ग्राउण्ड में देश के युवा अभिनेता एवं नाटक निर्देशक कविराज लईक के निर्देशन में की जाएगी।

भारतीय लोक कला मण्डल के निदेशक डॉ. लईक हुसैन ने बताया कि चार दशक पूर्व भोपाल में हुई गैस ट्रेजेडी में हज़ारों लोग असमय स्वर्गवासी हुए थे तथा उस समय जो अफरा तफरी मची थी उसके कारण ना केवल भोपाल शहर के आसपास के इलाकों में शमशान में अन्तिम संस्कार की जगह मिली थी ना ही कब्रिस्तान में दफनाने की ।

हमारे देश में इस प्रकार के दृश्य कोरोना के द्वितीय चरण में देखने को मिले थे। उन्ही दृश्यों को भारतीय लोक कला मण्डल के मेला ग्राउण्ड में शमशान एवं कब्रिस्तान बनाकर मानवीय ट्रेजेडी को प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा ।

किस प्रकार इस ट्रेजेडी ने शहर के सामाजिक और मानवीय मूल्यों को तहस नहस किया जिसके कारण व्यक्ति केवल स्वयं के बारे में ही सोचने लगा था। इस प्रस्तुति में देश एवं प्रदेश के लगभग 50 ख्यातनाम नाटककार एवं नाट्य निर्देशक उपस्थित रहेगें।

इस प्रस्तुति में प्रवेश निःशुल्क रहेगा।