उदयपुर : एचडीएफसी बैंक ने साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम और ग्राहक जागरूकता को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत, 'साइबर फ्रॉड सुरक्षा' नामक एक राष्ट्रव्यापी जागरूकता पहल के हिस्से के रूप में 8,800 से अधिक कार्यशालाएं आयोजित कीं। ये कार्यशालाएं जुलाई से अक्टूबर 2026 के बीच आयोजित की गईं और बैंक ने देश भर में 1.8 लाख से ज्यादा नागरिकों तक अपनी पहुंच बनाई।
इस अभियान का उद्देश्य ग्राहकों और आम जनता को नवीनतम साइबर धोखाधड़ी के तरीकों (ट्रेंड्स) के बारे में शिक्षित करना, सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग प्रथाओं को बढ़ावा देना और एक सुरक्षित डिजिटल इकोसिस्टम के निर्माण में योगदान देना था।
एचडीएफसी बैंक के सीनियर एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (क्रेडिट इंटेलिजेंस एंड कंट्रोल) श्री मनीष अग्रवाल ने कहा, "साइबर अपराध एक गंभीर खतरा है, और अक्सर जागरूकता की कमी के कारण लोग साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं। इसलिए, नागरिकों के बीच जागरूकता पैदा करना आवश्यक है। इस अभियान का उद्देश्य प्रतिभागियों को जालसाजों द्वारा अपनाए जाने वाले विभिन्न तरीकों और सुरक्षित बैंकिंग तौर-तरीकों के बारे में शिक्षित करना था, ताकि वे सतर्क रहें, ऐसी धोखाधड़ी वाली प्रथाओं के प्रति जागरूक रहें और इन घोटालों के चंगुल में फंसने से बच सकें।"
इन कार्यशालाओं का उद्देश्य स्कूल और कॉलेज के छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स (RWAs), कॉर्पोरेट कार्यालयों, सामुदायिक मंचों, स्वयं सहायता समूहों, ग्राहकों और कर्मचारियों को शिक्षित करना था। इन इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से, प्रतिभागियों ने सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग आदतों के बारे में मूल्यवान जानकारी प्राप्त की ताकि वे साइबर धोखाधड़ी के शिकार न हों। इन कार्यशालाओं में वास्तविक जीवन के उदाहरण, कहानियां और वीडियो शामिल थे, जिससे प्रतिभागियों को जालसाजों द्वारा अपनाए जाने वाले विभिन्न तरीकों (मोडस ऑपरेंडी) को समझने और ऐसी धोखाधड़ी से सुरक्षित रहने के टिप्स मिले।
बैंक ग्राहकों को डिजिटल रूप से लेनदेन करते समय सतर्क रहने, सुरक्षित बैंकिंग आदतें अपनाने और अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करने के लिए प्रोत्साहित करता है। यदि कोई ग्राहक धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उन्हें तुरंत अपनी निकटतम शाखा से संपर्क करना चाहिए और 1930 (नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर) पर कॉल करना चाहिए।
