उदयपुर। कृषि विज्ञान केंद्र, फलोज, डूंगरपुर द्वारा सरल प्रोजेक्ट के अंतर्गत दिनांक 03 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित 15 दिवसीय बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह आज दिनांक 17 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के माननीय कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह तथा विशिष्ट अतिथि विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. आर. एल. सोनी रहे।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. प्रताप सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बकरी पालन जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के लिए स्वरोजगार और आय वृद्धि का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने बकरी पालन को वैज्ञानिक तकनीकों के साथ अपनाने, उन्नत नस्लों के चयन, संतुलित आहार, स्वच्छ आवास, नियमित टीकाकरण एवं रोग प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि कृषि के साथ पशुपालन को जोड़कर किसान अपनी आजीविका को अधिक सुदृढ़ बना सकते हैं।
विशिष्ट अतिथि डॉ. आर. एल. सोनी ने कहा कि कृषि एवं पशुपालन आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान एवं कौशल का व्यावहारिक उपयोग कर बकरी पालन को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को केंद्र के वैज्ञानिकों तथा पशुपालन विभाग के पशु चिकित्सकों द्वारा बकरी पालन की उन्नत एवं वैज्ञानिक तकनीकों, उपयुक्त नस्लों के चयन, आवास प्रबंधन, संतुलित आहार, प्रजनन प्रबंधन, बच्चों की देखभाल, टीकाकरण, रोगों की रोकथाम तथा बकरी पालन इकाई के आर्थिक प्रबंधन संबंधी जानकारी प्रदान की गई।
प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं एवं किसानों को स्वरोजगार के लिए आवश्यक तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल उपलब्ध कराना था।
प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण में अर्जित ज्ञान का उपयोग अपने गांवों में बकरी पालन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा अन्य किसानों को भी वैज्ञानिक तकनीकों के प्रति जागरूक करने हेतु प्रेरित किया गया।
इस प्रकार का प्रशिक्षण जनजातीय क्षेत्र में रोजगार सृजन, आय वृद्धि एवं ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा 18 सफल प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
