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Udaipur News

भारतीय लोक कला मंडल : ‘‘नृत्यम’’ 2026  में मनमोहक प्रस्तुतियां

मुख्य बिंदु
  • उदयपुर | भारतीय लोक कला मण्डल, उदयपुर में आयोजित ‘‘नृत्यम- 2026’’ में प्रतिभागियों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियाँ।
  • भारतीय लोक कला मण्डल के निदेशक डॉ.
  • लईक हुसैन ने बताया कि 29 अप्रैल पूरे विश्व में ‘‘नृत्य दिवस के रूप में’’ मनाया जाता है।
  • अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस के अवसर पर ‘भारतीय लोक कला मण्डल द्वारा ‘‘नृत्यम- 2026’’ का आयोजन किया गया जिसमें शहर के शास्त्रीय नृत्य के विभिन्न नृत्य गुरुओं एवं शिष्यों द्वारा अपनी-अपनी शैली में मनमोहक प्रस्तुतियां दी गई।
  • कार्यक्रम के प्रारम्भ में भारतीय लोक कला मण्डल के मानद सचिव सत्य प्रकाश गौड़ एवं गणमान्य अतिथियों ने पद्मश्री देवीलाल सामर की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
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भारतीय लोक कला मंडल : ‘‘नृत्यम’’ 2026  में मनमोहक प्रस्तुतियां

उदयपुर | भारतीय लोक कला मण्डल, उदयपुर में आयोजित ‘‘नृत्यम- 2026’’ में प्रतिभागियों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियाँ।

भारतीय लोक कला मण्डल के निदेशक डॉ. लईक हुसैन ने बताया कि 29 अप्रैल पूरे विश्व में ‘‘नृत्य दिवस के रूप में’’ मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस के अवसर पर ‘भारतीय लोक कला मण्डल द्वारा ‘‘नृत्यम- 2026’’ का आयोजन किया गया जिसमें शहर के शास्त्रीय नृत्य के विभिन्न नृत्य गुरुओं एवं शिष्यों द्वारा अपनी-अपनी शैली में मनमोहक प्रस्तुतियां दी गई।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में भारतीय लोक कला मण्डल के मानद सचिव सत्य प्रकाश गौड़ एवं गणमान्य अतिथियों ने पद्मश्री देवीलाल सामर की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

उसके बाद समारोह में ओड़िसी नृत्य गुरू शैली श्रीवास्तव एवं उनके शिष्यों द्वारा ओड़िसी नृत्य शैली में श्रित कमला एवं शिव ताण्ड स्त्रोत, कथक नृत्य गुरू रेणू गोरेर के शिष्यों द्वारा सूफी कथक एवं कृष्ण सरवा कथक नृत्य, कथक नृत्य गुरू प्रमोद परिहार के शिष्यों द्वारा चतुरंग की प्रस्तुति दी, गई तो भरत नाट्यम की नृत्य गुरू मनिषा नेगी के शिष्यों द्वारा गणेश कौतुवम् एवं श्री रामचन्द्रा नृत्य की प्रस्तुति दी गई तो भरत नाट्यम की नृत्य गुरू डॉ. मानसी अग्रवाल द्वारा तमिल किर्तन ‘‘देवी नीये तुनाई’’ की प्रस्तुति दी गई तो कथक नृत्य गुरू शिप्रा चटर्जी के शिष्यों द्वारा ‘‘निरतत ढंग’’ की प्रस्तुति दी गई।

अंत में मानद सचिव सत्य प्रकाश गौड़ एवं गणमान्य अतिथियों ने सभी नृत्य गुरूओं को शॉल एवं माला पहनाकर सम्मानित किया।

डॉ. हुसैन ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों, नृत्य गुरूओं को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि नृत्यम के आयोजन का उद्धेश्य शहर में विभिन्न शास्त्रीय नृत्यों के क्षेत्र में कार्यरत गुरू जो नई प्रतिभाओं को शास्त्रीय नृत्य की शिक्षा प्रदान कर रहे है तथा इन भारतीय नृत्य परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाकर हमारी धरोहर को सहजने के लिए प्रयासरत है।

भारतीय लोक कला मण्डल द्वारा कलाकारों को मंच प्रदान कर उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए ‘‘नृत्यम’’ का आयोजन पिछले कई वर्षो से किया जा रहा है और आगे भी किया जाता रहेगा।