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Udaipur News

‘लक्ष्य संधान विथ एसडीएम’ नवाचार से बदली तस्वीर

बड़गांव का 12वीं परिणाम 99 प्रतिशत, वाणिज्य में 100 फीसदी परिणाम मेधावी विद्यार्थियों का अभिनंदन, पिछोला और सिटी पैलेस का कराया भ्रमण

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‘लक्ष्य संधान विथ एसडीएम’ नवाचार से बदली तस्वीर

उदयपुर। बड़गांव उपखंड में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों में आई ऐतिहासिक सफलता के पीछे उपखंड अधिकारी सुश्री लतिका पालीवाल की अभिनव पहल ‘लक्ष्य संधान विथ एसडीएम’ की अहम भूमिका सामने आई है। इस नवाचार ने विद्यार्थियों को स्पष्ट दिशा, सतत मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान कर उन्हें उत्कृष्ट परिणाम हासिल करने में मदद की। उपखंड का कुल परिणाम 99 प्रतिशत रहा, जिसमें वाणिज्य संकाय ने शत-प्रतिशत (100 प्रतिशत) परिणाम के साथ मिसाल कायम की। वहीं कला संकाय का परिणाम 99.38 प्रतिशत और विज्ञान संकाय का 98.13 प्रतिशत रहा।

नवाचार बना सफलता की कुंजी
सुश्री पालीवाल द्वारा शुरू की गई ‘लक्ष्य संधान विथ एसडीएम’ पहल के तहत विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद, करियर काउंसलिंग, लक्ष्य निर्धारण और प्रेरक सत्र आयोजित किए गए। इस पहल ने खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मेधावियों का सम्मान और अनोखा प्रोत्साहन
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूल प्रशासन टीम को उपखण्ड अधिकारी सुश्री पालीवाल द्वारा सम्मानित किया गया। साथ ही मेधावी विद्यार्थियों को सिटी पैलेस, पिछोला का शैक्षणिक भ्रमण करवाया गया, जो इस पहल का एक विशेष आकर्षण रहा। इस अनूठे प्रयास से विद्यार्थियों को इतिहास, संस्कृति और विरासत से जोड़ते हुए सीखने का नया अनुभव मिला। उल्लेखनीय है कि कक्षा 10 में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का एसडीएम ने सम्मान किया था। साथ ही उन्हें फतहसागर में बोटिंग कराई गई थी।

संवाद से संवार रहे भविष्य
विद्यार्थियों से संवाद करते हुए एसडीएम ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर प्रयास करने और अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने भी एयरोस्पेस इंजीनियर, आरएएस और आईएएस बनने के अपने सपनों को साझा किया, जो इस पहल के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है।

ग्रामीण प्रतिभाओं को मिल रही नई उड़ान
सुश्री पालीवाल ने कहा कि यह परिणाम केवल परीक्षा का आंकड़ा नहीं, बल्कि एक समग्र प्रयास का परिणाम है, जिसमें प्रशासन, शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी सभी की भूमिका रही। ‘लक्ष्य संधान विथ एसडीएम’ जैसी पहलें ग्रामीण प्रतिभाओं को नई दिशा देने और उन्हें आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।