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Udaipur News

उदयपुर मंडपम की मांग, कॉन्क्लेव हब बने शहर

भारत मंडपम की तर्ज पर अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर प्रस्तावित

मुख्य बिंदु
  • झीलों की नगरी उदयपुर को वैश्विक स्तर पर एक बड़े कॉन्क्लेव हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।
  • बीसीआई उत्सव द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजस्थान के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर ‘उदयपुर मंडपम’ स्थापित करने की मांग उठाई गई है।
  • बीसीआई के फाउंडर एवं चेयरमैन मुकेश माधवानी ने बताया कि उदयपुर आज देश-विदेश के पर्यटकों, डेस्टिनेशन वेडिंग्स और कॉर्पोरेट इवेंट्स का प्रमुख केंद्र बन चुका है, लेकिन यहां अब तक विश्वस्तरीय और एकीकृत कन्वेंशन सेंटर का अभाव है।
  • ऐसे में ‘उदयपुर मंडपम’ शहर की आवश्यकता बन गया है।
  • अध्यक्ष संजीव पटवा ने जानकारी दी कि प्रस्तावित मंडपम को आधुनिक वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने का सुझाव दिया गया है।
  • इसमें 5,000 से 10,000 लोगों की क्षमता वाला कन्वेंशन हॉल, मल्टी-लेवल एग्जीबिशन सेंटर, अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और कॉन्फ्रेंस हॉल शामिल किए जाने का प्रस्ताव है, जिससे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन सुगमता से आयोजित हो सकें।
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उदयपुर मंडपम की मांग, कॉन्क्लेव हब बने शहर
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उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर को वैश्विक स्तर पर एक बड़े कॉन्क्लेव हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। बीसीआई उत्सव द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजस्थान के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर ‘उदयपुर मंडपम’ स्थापित करने की मांग उठाई गई है।


बीसीआई के फाउंडर एवं चेयरमैन मुकेश माधवानी ने बताया कि उदयपुर आज देश-विदेश के पर्यटकों, डेस्टिनेशन वेडिंग्स और कॉर्पोरेट इवेंट्स का प्रमुख केंद्र बन चुका है, लेकिन यहां अब तक विश्वस्तरीय और एकीकृत कन्वेंशन सेंटर का अभाव है। ऐसे में ‘उदयपुर मंडपम’ शहर की आवश्यकता बन गया है।

अध्यक्ष संजीव पटवा ने जानकारी दी कि प्रस्तावित मंडपम को आधुनिक वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने का सुझाव दिया गया है। इसमें 5,000 से 10,000 लोगों की क्षमता वाला कन्वेंशन हॉल, मल्टी-लेवल एग्जीबिशन सेंटर, अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और कॉन्फ्रेंस हॉल शामिल किए जाने का प्रस्ताव है, जिससे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन सुगमता से आयोजित हो सकें।

महासचिव आलोक गुप्ता ने बताया कि केंद्र में डेस्टिनेशन वेडिंग्स और बड़े आयोजनों के लिए विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई आधारित स्मार्ट सिस्टम, हाई-स्पीड इंटरनेट, डिजिटल एंट्री और लाइव स्ट्रीमिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई है।

सचिव हीना पथिक के अनुसार, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान के हस्तशिल्प, हैंडलूम और एमएसएमई उत्पादों के लिए स्थायी प्रदर्शनी क्षेत्र विकसित करने का प्रस्ताव भी शामिल है, जिससे ‘लोकल टू ग्लोबल’ को मजबूती मिल सके।

अध्यक्ष संजीव पटवा ने कहा कि यह परियोजना उदयपुर और राजस्थान दोनों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है। इससे निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और एमएसएमई सेक्टर को वैश्विक मंच मिलेगा। साथ ही, उदयपुर की डेस्टिनेशन वेडिंग कैपिटल की पहचान और मजबूत होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से यह परियोजना जल्द साकार हो सकती है।