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Udaipur News

डॉ. नरेंद्र सिंह राठौड़ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के प्रबंधन मंडल में नामित

कृषि शिक्षा व अनुसंधान में उत्कृष्टता को मिलेगा बढ़ावा – डॉ. राठौड़

मुख्य बिंदु
  • भारतीय कृषि एवं अनुसंधान परिषद (ICAR) के पूर्व उप महानिदेशक एवं महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के पूर्व कुलपति तथा विख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ.
  • नरेंद्र सिंह राठौड़ को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली तथा हजारीबाग–असम के प्रबंधन मंडल का सदस्य नामित किया गया है।
  • राठौड़ श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर के संस्थापक कुलगुरु रहने के साथ ही राजस्थान राज्य कृषक ऋण राहत योजना आयोग के सदस्य भी रह चुके हैं।
  • एमपीयूएटी के कुलगुरु कार्यकाल के दौरान कृषि शिक्षा के उन्नयन हेतु किए गए उनके उल्लेखनीय प्रयासों के लिए राजभवन द्वारा उन्हें प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ कुलगुरु के सम्मान से नवाज़ा जा चुका है।
  • मनोनयन के लिए उन्होंने ICAR के महानिदेशक डॉ.
  • जाट तथा IARI के निदेशक डॉ.
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डॉ. नरेंद्र सिंह राठौड़ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के प्रबंधन मंडल में नामित

उदयपुर। भारतीय कृषि एवं अनुसंधान परिषद (ICAR) के पूर्व उप महानिदेशक एवं महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के पूर्व कुलपति तथा विख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र सिंह राठौड़ को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली तथा हजारीबाग–असम के प्रबंधन मंडल का सदस्य नामित किया गया है।

गौरतलब है कि डॉ. राठौड़ श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर के संस्थापक कुलगुरु रहने के साथ ही राजस्थान राज्य कृषक ऋण राहत योजना आयोग के सदस्य भी रह चुके हैं। एमपीयूएटी के कुलगुरु कार्यकाल के दौरान कृषि शिक्षा के उन्नयन हेतु किए गए उनके उल्लेखनीय प्रयासों के लिए राजभवन द्वारा उन्हें प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ कुलगुरु के सम्मान से नवाज़ा जा चुका है।

मनोनयन के लिए उन्होंने ICAR के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट तथा IARI के निदेशक डॉ. सी. एच. श्रीनिवासा राव के प्रति आभार व्यक्त किया। देश-प्रदेश के कृषि वैज्ञानिकों ने उनके चयन का स्वागत किया है।

डॉ. राठौड़ ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के नए अवसर सृजित किए जाएँ, ताकि कृषि शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा एवं उत्कृष्टता प्रदान की जा सके।