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Udaipur News

अस्तित्व” स्वास्थ्य और शिक्षा के बीच समन्वयः किशोरों के उज्जवल भविष्य की ओर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का कदम

मुख्य बिंदु
  • जनजाति क्षेत्रिय विकास विभाग यूएनएफपीए एवं आईपीईसीकेडी के सयुंक्त तत्वाधान से स्कूल स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी प्रशिक्षण का आयोजन उदयपुर होटल कनक श्री में किया गया।
  • इस प्रशिक्षण में उदयपुर और सलूंबर ब्लॉक के 30 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने भाग लिया।
  • जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ० अशोक आदित्य ने कहा कि विद्यालय भ्रमण के दौरान काउंसलिंग को मज़बूत बनाकर किशोर स्वास्थ्य में सुधार लाना अत्यंत आवश्यक है।
  • उन्होंने बताया कि किशोरियां भविष्य की माताएं हैं, और उनका स्वस्थ रहना मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।
  • उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का कार्य क्षेत्र स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम के सभी विषयों से जुड़ा हुआ है।
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जनजाति क्षेत्रिय विकास विभाग यूएनएफपीए एवं आईपीईसीकेडी के सयुंक्त तत्वाधान से स्कूल स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी प्रशिक्षण का आयोजन उदयपुर होटल कनक श्री में किया गया। में किया गया। इस प्रशिक्षण में उदयपुर और सलूंबर ब्लॉक के 30 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने भाग लिया।

जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ० अशोक आदित्य ने कहा कि विद्यालय भ्रमण के दौरान काउंसलिंग को मज़बूत बनाकर किशोर स्वास्थ्य में सुधार लाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि किशोरियां भविष्य की माताएं हैं, और उनका स्वस्थ रहना मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का कार्य क्षेत्र स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम के सभी विषयों से जुड़ा हुआ है। आवश्यकता इस बात की है कि काउंसलिंग को और सशक्त बनाया जाए ताकि विशेष रूप से जनजातीय किशोर-किशोरियां, जो संवेदनशील विषयों पर खुलकर बात करने में झिझकते हैं, सहज महसूस करें और अपने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को साझा कर सकें। इससे उनके समग्र स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार होगा।

जिला समन्वयक-राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम राकेश मीणा ने बताया कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संतुलन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसके लिए सही दिशा में काउंसलिंग की अत्यंत आवश्यकता है।

नोडल अधिकारी अस्तित्व कार्यक्रम, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग अमृता दाधीच ने बताया कि किशोरों के स्वास्थ्य और कल्याण को प्रोत्साहित करने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को आवश्यक ज्ञान और कौशल से सशक्त बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर स्वास्थ्य और शिक्षा के बीच एक मजबूत सेतु बनाते हुए, प्रत्येक किशोर के उज्जवल और स्वस्थ भविष्य की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

अस्तित्व से क्वीना मेहता, सोनम जैन और मनोज शर्मा ने सत्रों को संवादात्मक और व्यवहारिक बनाते हुए प्रतिभागियों को कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।