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महिलाओं को रोजगार प्रदान करता है हेण्डलूम उद्योग

भारतीय आर्ट हैण्डीक्राफ्ट एण्ड हेण्डलूम एक्स्पो २०२० का हुआ उद्घाटन

मुख्य बिंदु
  • भारतीय आर्ट हैण्डीक्राफ्ट एण्ड हेण्डलूम एक्स्पो २०२० का उद्घाटन शनिवार को नगर निगम प्रांगण में गवर्नमेन्ट ऑफ इण्डिया मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल्स के असिस्टेन्ट डायरेक्टर रजत वर्मा, राष्ट्रीय शहर आजीविका मिशन के जिला परियोजना अधिकारी शैलसिंह एवं मेला संयोजक त्रिभुवनसिंह ने फीता काट कर किया।
  • जिला परियोजना अधिकारी शैलसिंह ने बताया कि केन्द्र सरकार की ओर से चलाई जा रही शहरी महिलाओं के गरीबी उन्मूलन के लिए दीनदयाल अन्त्योदय योजना के अन्तर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जाता है।
  • उन्हें प्रोडक्ट बनाने की ट्रेनिंग दी जाती है।
  • वो महिलाएं जो प्रोडक्ट बनाती है।
  • उन्हें बाजार में बेचने और आम जनता तक पहुंचाने के लिए जो मार्केट उपलब्ध कराया जाता हैं, वही भारतीय आर्ट हैण्डीक्राफ्ट एण्ड हेण्डलूम एक्स्पो २०२० है।
  • इसमें ७० से ज्यादा स्टालें लगी हुई है जिनमें ३० स्टालें विभिन्न महिला समूहों द्वारा लगाई गई है।
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महिलाओं को रोजगार प्रदान करता है हेण्डलूम उद्योग

उदयपुर। भारतीय आर्ट हैण्डीक्राफ्ट एण्ड हेण्डलूम एक्स्पो २०२० का उद्घाटन शनिवार को नगर निगम प्रांगण में गवर्नमेन्ट ऑफ इण्डिया मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल्स के असिस्टेन्ट डायरेक्टर रजत वर्मा, राष्ट्रीय शहर आजीविका मिशन के जिला परियोजना अधिकारी शैलसिंह एवं मेला संयोजक त्रिभुवनसिंह ने फीता काट कर किया।

जिला परियोजना अधिकारी शैलसिंह ने बताया कि केन्द्र सरकार की ओर से चलाई जा रही शहरी महिलाओं के गरीबी उन्मूलन के लिए दीनदयाल अन्त्योदय योजना के अन्तर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जाता है। उन्हें प्रोडक्ट बनाने की ट्रेनिंग दी जाती है। वो महिलाएं जो प्रोडक्ट बनाती है। उन्हें बाजार में बेचने और आम जनता तक पहुंचाने के लिए जो मार्केट उपलब्ध कराया जाता हैं, वही भारतीय आर्ट हैण्डीक्राफ्ट एण्ड हेण्डलूम

एक्स्पो २०२० है। इसमें ७० से ज्यादा स्टालें लगी हुई है जिनमें ३० स्टालें विभिन्न महिला समूहों द्वारा लगाई गई है। प्रदर्शनी में राजस्थान के साथ ही देश के विभिन्न राज्यों से आये महिला समूहों की स्टालें लगी हुई है। खास बात यह है कि महिलाएं जो भी प्रोडक्ट बनाती है उसकी कीमत भी वह स्वयं ही तय करती है। जिस भी शहर में यह प्रदर्शनी लगती है वहां की। नगर निगम या नगर पालिका इन्हें रियायती दर पर जमीन उपलब्ध कराती है।

उदयपुर से पूर्व यह प्रदर्शनी कोटा में लगाई जा चुकी है। असिस्टेन्ट डायरेक्टर रजत वर्मा ने बताया कि प्रदर्शनी में कई तरह के घरेलु सामान उपलब्ध है जो खासकर गृहणियों की खास पसन्द होते हैं। विभिन्न तरह के चीनी के वर्तन, सजावटी सामान, गर्म शॉलें, खादी की कुरतियां, बच्चों के खिलौने, लकडी के फर्नीचर जिनमें टेबल, कुर्सी, डायनिंग टेबल,

झूले, आर्टिफिशियल ज्वेलरी सहित विभिन्न तरह के आयटम उपलब्ध हैं।