भूतपूर्व सरपंच के नेत्रदान के लिए 120 किलोमीटर दूर पहुंची टीम, बाद में निभाया रक्षाबंधन का दस्तूर
कोटा। जिस व्यक्ति ने अपना पूरा जीवन समाज की सेवा, लोगों के सुख-दुख में सहभागिता और जनकल्याण के लिए समर्पित कर दिया हो, वह दुनिया से विदा होने के बाद भी समाज को…







