कुछ हो जाते पेड़ सा
पेड़ जीवन के स्रोत की तरह होते हैं... देखते देखते एक पेड़ अपने भीतर जन्म लेने लगता। पेड़ को केवल आँख भर देखते ही नहीं... देखते... देखते ही पेड़ सा हो जाते हैं।…
“इतिहास” के परिणाम
पेड़ जीवन के स्रोत की तरह होते हैं... देखते देखते एक पेड़ अपने भीतर जन्म लेने लगता। पेड़ को केवल आँख भर देखते ही नहीं... देखते... देखते ही पेड़ सा हो जाते हैं।…
नई दिल्ली। भारतीय संसद 26 और 27 अक्तूबर 2026 को संसद भवन परिसर के संविधान सदन के केन्द्रीय कक्ष में 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम का आयोजन करेगी। लोक सभा अध्यक्ष ओ…
उदयपुर। बांसवाड़ा जिले में स्थित मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग को लेकर राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद की ओर से अतिरिक्त जिला कलेक्टर, उदयपुर (श…
मानगढ़ धाम, जिला बांसवाड़ा को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग को लेकर राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद की ओर से अतिरिक्त जिला कलेक्टर उदयपुर प्रशासन को ज्ञापन …
जयपुर । राजस्थान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए अभिविन्यास कार…
संसार में जितने मनुष्य हैं व अतीत में हुए हैं वह सब किसी देश विशेष में जन्में थे। उनसे पूर्व उनके माता-पिता व पूर्वज वहां रहते थे। जन्म लेने वाली सन्तान का कर्…
नवरात्रि में राजस्थान के वागड़ और मेवाड़ अंचल के देवी धाम केवल श्रद्धा के केंद्र नहीं, बल्कि सदियों पुरानी सांस्कृतिक स्मृतियों, आदिवासी परंपराओं, राजवंशीय इति…
शक्ति की आराधना के पावन पर्व दुर्गाष्टमी और महानवमी एवं विजयदशमी से एक दिन पूर्व राजस्थान की दो बेटियों ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और अदम्य संकल्प से देश का मस्त…
भीलवाड़ा। कदम फाउंडेशन एवं श्री राजपूत क्षत्रिय संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में तथा सर्व समाज के सानिध्य में बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को पद्मिनी सम्मान समारोह …
मनुष्य ने आकाश की ऊँचाइयाँ नाप लीं, समुद्र की गहराइयाँ खोज लीं और तकनीक के माध्यम से दुनिया को एक छोटे से पर्दे पर समेट लिया; लेकिन एक प्रश्न आज भी उसके सामने …
उदयपुर। उदयपुर की ऐतिहासिक विरासत एवं मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देने की दिशा में ठाकुर अमरचंद बड़वा चौराहे के नामकरण का विषय लंबे समय से चर्चा में रह…
भारत के सांस्कृतिक इतिहास में विजयदशमी केवल असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और अहंकार पर मर्यादा की विजय का पर्व नहीं है। यह आत्ममंथन, संकल्प और नई शुरुआत का अवसर…