भोगवृत्ति छोड़कर त्यागवृत्ति अपनाएं, तभी जीवन बनेगा सार्थकः डाॅ.सुरेन्द्र मुनि
उदयपुर। देवेन्द्र धाम में आयोजित धार्मिक प्रवचन सभा में डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि मनुष्य को भोगवृत्ति का त्याग कर त्यागवृत्ति को जीवन में अपनाना चाहिए। त्या…
“आत्मकल्याण” के परिणाम
उदयपुर। देवेन्द्र धाम में आयोजित धार्मिक प्रवचन सभा में डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि मनुष्य को भोगवृत्ति का त्याग कर त्यागवृत्ति को जीवन में अपनाना चाहिए। त्या…
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने कहा कि संयम और साधना के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए शरी…
उदयपुर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, उदयपुर के तत्वावधान में आयोजित चातुर्मासिक प्रवचन के दौरान संतश्री ने कहा कि मनुष्य जीवन में सुख की तलाश करता ह…
उदयपुर। देवेंद्र धाम स्थित महावीर समवशरण में प्रवचन देते हुए प्रवर्तक डॉ. राजेन्द्र मुनि ने स्व-विवेक एवं आगम के माध्यम से जीवन की वास्तविकता पर प्रकाश डाला। उ…
उदयपुर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में आचार्य भगवान श्री आनंद ऋषि जी एवं डॉ. सुरेन्द्र मुनि के जन्मोत्सव के अवसर पर देवेंद्र धाम में ध…
उदयपुर, 16 अगस्त। सूरजपोल दादावाड़ी में चातुर्मास के तहत साध्वी डॉ. विद्युत प्रभा श्रीजी ने कहा कि भौतिक सुख नहीं, बल्कि ज्ञान, संवेदना और आत्मकल्याण ही जीवन का…
उदयपुर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, उदयपुर के तत्वावधान में चल रहे चातुर्मासिक प्रवचन के दौरान प्रवर्तक डॉ. राजेन्द्र मुनि ने कर्म सिद्धांत और आत्म…
उदयपुर, 11 अगस्त। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, उदयपुर के तत्वावधान में देवेंद्र धाम में आयोजित धर्मसभा में डाॅ. सुरेन्द्र मुनि ने मानव जीवन के महत्व…
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में चल रहे आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने कहा कि भगवान महावीर ने केवल्य ज्ञान प्राप्त करने के …
उदयपुर। श्री श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन समाज के तत्वावधान में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में साधु-साध्वीवृंद के सान्निध्य में आध्यात्मिक प्रवचन, महापूजन एवं धार्मि…
उदयपुर। श्री वासुपूज्य महाराज मंदिर ट्रस्ट दादावाड़ी, सूरजपोल के तत्वावधान में चल रहे आध्यात्मिक चातुर्मास में शनिवार को गुरुवर्या बहिन म. सा. डॉ. विद्युतप्रभा …
मनुष्य प्रायः अपने माता, पिता, आचार्यों तथा सगे सम्बन्धियों को ही अपना मानते हैं। ईश्वर के विषय में मनुष्यों के भिन्न-भिन्न विचार होते हैं। अधिकांश को ईश्वर के…